Special Leave: छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी कर्मचारियों को मानसिक तनाव दूर करने के लिए साल में 12 दिनों का अतिरिक्त अवकाश दिया जाएगा। सरकार के इस कदम पर कांग्रेस ने हमला बोला है और इसे सरकार की विफलता छुपाने का तरीका बताया है।
पीसीसी चीफ का हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के इस फैसले पर तंज कसते हुए इसे 'टाइम पास' करार दिया है। दीपक बैज ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में विकास के काम ठप पड़े हैं और सरकार सिर्फ समय काटने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का दबाव इतना बढ़ गया है कि अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं। बैज ने हमला बोलते हुए कहा कि केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि मंत्रियों को भी 12 दिन का योग करना चाहिए। क्योंकि मंत्रियों के पास कोई ठोस काम नहीं है और वे जनता के सवालों से बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ की जनता की कमाई का पैसा असम और बंगाल के चुनावों में ले जाया जा रहा है, जहां मंत्री छुट्टी मना रहे हैं।
क्या है सरकार की मंशा?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों पर काम का बोझ और लगातार ड्यूटी के कारण मानसिक तनाव बढ़ रहा था। इन 12 दिन के अवकाश का उद्देश्य कार्यक्षमता बढ़ाना और कर्मचारियों को मानसिक रूप से मुक्त करना है। अब दीपक बैज के बयान के बाद से प्रदेश में जुबानी जंग तेज हो गई है।









