चंदेरी। क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री, भारत सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों के फलस्वरूप चंदेरी रेल लाइन परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। चंदेरी के रास्ते पिपरई गांव एवं ललितपुर को जोड़ने वाली प्रस्तावित नई रेल लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। रेल लाइन का एलाइनमेंट फाइनल कर दिया गया है तथा फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब डीपीआर को अंतिम रूप देकर शीघ्र ही रेलवे बोर्ड में मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड द्वारा 27 नवंबर 2024 को नई रेलवे लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए आदेश जारी किया गया था। इस कार्य के लिए दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। प्रस्तावित रेल लाइन के निर्माण को लेकर अब क्षेत्रवासियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय, जबलपुर की निर्माण शाखा से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चंदेरी रेल लाइन की डीपीआर शीघ्र ही रेलवे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजी जा रही है। इसके बाद केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद से मंजूरी मिलने पर इस नई रेल लाइन के निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
जियो टैगिंग का काम प्रगति पर
चंदेरी रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे का कार्य पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा बीपीसी कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता को सौंपा गया था। संबंधित कंपनी द्वारा संपूर्ण रेल मार्ग का फाइनल लोकेशन सर्वे किए जाने के बाद अब जियो टैगिंग की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही मिट्टी परीक्षण, चट्टान परीक्षण तथा जल परीक्षण का कार्य भी समानांतर रूप से प्रगति पर है।
जियो टैगिंग के माध्यम से संपूर्ण रेल लाइन, स्टेशन यार्ड तथा अन्य आवश्यक रेलवे संरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का विवरण तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना की तकनीकी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंसल्टेंट कंपनी के इंजीनियरों द्वारा इस कार्य को अंतिम रूप देने की कार्रवाई की जा रही है।
दैलवारा एवं पिपरई होंगे कनेक्शन पॉइंट
चंदेरी के रास्ते पिपरई गांव एवं ललितपुर को जोड़ने वाली प्रस्तावित नई रेल लाइन के लिए दैलवारा स्टेशन के समीप कनेक्शन पॉइंट निर्धारित किया गया है। यहां से नई रेल लाइन को मौजूदा रेलवे ट्रैक से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। वहीं, दूसरे छोर पर पिपरई स्टेशन के पास इसका कनेक्शन पॉइंट होगा।
इस नई रेल लाइन का निर्माण होने पर चंदेरी सहित आसपास के क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता खुल सकता है। इससे यात्रियों के आवागमन और माल परिवहन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
प्रस्तावित रेल मार्ग की कनेक्टिविटी के आधार पर दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग सहित अन्य प्रमुख रेल नेटवर्क तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। अशोकनगर, गुना और रुठियाई मार्ग से राजस्थान, गुजरात तथा महाराष्ट्र की ओर और बीना-भोपाल के रास्ते दक्षिण भारत की ओर रेल संपर्क को भी लाभ मिल सकता है।
नई रेल लाइन के माध्यम से माल ढुलाई की संभावनाएं विकसित होंगी, जिससे रेलवे को राजस्व प्राप्ति का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, यात्री ट्रेनों के संचालन की संभावना से स्थानीय लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सकती है।
ग्रामीणों में कौतूहल, क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रेल लाइन
दैलवारा से पिपरई गांव तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के सर्वे और तकनीकी परीक्षण के दौरान कंसल्टेंट कंपनी द्वारा आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। मिट्टी और चट्टानों के परीक्षण के लिए इस्तेमाल की जा रही मशीनों को देखकर ग्रामीणों में कौतूहल बना हुआ है।
रेल लाइन से संबंधित गतिविधियों के आगे बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में इस परियोजना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि चंदेरी को रेल नेटवर्क से जोड़ने की यह बहुप्रतीक्षित योजना भविष्य में साकार होगी।
चंदेरी ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नगर है। ऐसे में रेल कनेक्टिविटी मिलने से पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें डीपीआर को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने और केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद के निर्णय पर टिकी हैं।









