डिंडौरी। जिले के वनांचल क्षेत्र में बसे चंद्रागढ़ गांव के लिए यह दिन किसी त्यौहार से कम नहीं है। विगत कई वर्षों से पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीणों के घरों में अब पहली बार नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की गई है। जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल-जल योजना ने इस सुदूर गांव की तस्वीर बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक पानी के लिए संघर्ष किया, लेकिन अब घर बैठे पानी मिलने से जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
चंद्रागढ़ वन ग्राम लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझता रहा है। गांव की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां तक पहुंचना भी आसान नहीं है। बरसात के दिनों में रास्ते कीचड़ और मिट्टी के कारण जहाँ चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पेयजल जैसी आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। इसके बावजूद जल जीवन मिशन के तहत योजना का क्रियान्वयन कर गांव के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन के जरिये पानी पहुंचाया गया है।
ग्रामीण बताते हैं कि पहले उन्हें पेयजल के लिए गांव से दूर स्थित झिरियों, कुओं और छोटे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। सुबह होते ही महिलाओं और बच्चों की दिनचर्या पानी लाने से शुरू होती थी। कई बार उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। गर्मी के मौसम में जलस्रोत सूखने लगते थे, जिससे परेशानी और बढ़ जाती थी। पानी की तलाश में घंटों समय व्यतीत हो जाता था, जिससे बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं के अन्य घरेलू कार्य भी प्रभावित होते थे।
अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। घरों में नल लगने और नियमित रूप से पानी मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। महिलाओं को पानी ढोने की कठिन मेहनत से मुक्ति मिली है, वहीं बच्चों को भी इस जिम्मेदारी से छुटकारा मिला है। गांव के लोगों का मानना है कि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आएगी और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
चंद्रागढ़ में रहने वाले बैगा जनजाति के परिवारों के लिए यह सुविधा विशेष महत्व रखती है। समाज की मुख्यधारा से दूर रहने वाले इन परिवारों को लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। अब घर-घर पानी पहुंचने से उनमें भी विकास की नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार उन्हें महसूस हो रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में उनके गांव तक पहुंच रहा है।
चंद्रागढ़ में नल-जल योजना की सफलता केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में व्यापक बदलाव का आधार भी बन रही है। स्वच्छ पानी मिलने से स्वास्थ्य बेहतर होगा, समय की बचत होगी और ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
वनांचल के इस छोटे से गांव में बहती पानी की यह धारा केवल नलों से निकलता जल नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों के सपनों, उम्मीदों और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक बन गई है। चंद्रागढ़ के लोगों के लिए यह सुविधा किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है और आने वाले समय में यह गांव क्षेत्र के अन्य दूरस्थ गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।









