चंदेरी- चंदेरी के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक जीवन में लंबे समय तक अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले चौधरी कुंवर पदम सिंह जैन के निधन के साथ ही एक प्रतिष्ठित परिवार और सामाजिक परंपरा के महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया। लगभग 80 वर्ष की आयु में उनके निधन की खबर से चंदेरी सहित संपूर्ण क्षेत्र शोक में डूब गया।
चौधरी कुंवर पदम सिंह जैन लगभग चार दशकों तक चौबीसी के अध्यक्ष रहे। धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से उनका लंबे समय तक जुड़ाव रहा। वे खंदारजी अतिशय क्षेत्र की ट्रस्ट व्यवस्था से भी जुड़े रहे तथा धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कैलाश वासी महाराजा माधवराव सिंधिया के रहे करीबी
चौधरी कुंवर पदम सिंह जैन का राजनीतिक जीवन भी उल्लेखनीय रहा। वे कैलाशवासी महाराज श्रीमंत माधवराव सिंधिया के करीबी माने जाते थे। माधवराव सिंधिया के साथ उनके आत्मीय संबंधों का प्रभाव उनके सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन में भी दिखाई देता रहा। चंदेरी क्षेत्र की राजनीति में उनकी सक्रियता और सिंधिया परिवार से उनके संबंध लंबे समय तक चर्चा में रहे।
वे विशेष क्षेत्र प्राधिकरण, चंदेरी के दो बार निर्वाचित प्रतिनिधि रहे तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे।

प्रतिष्ठित परिवार की विरासत को आगे बढ़ाया
प्रतिष्ठित जागीरदार परिवार से आने वाले चौधरी कुंवर पदम सिंह जैन ने सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से उनके आत्मीय संबंध रहे। लंबे सार्वजनिक जीवन के बावजूद उनका व्यवहार सहज और सरल रहा।
अंतिम यात्रा में उमड़ा विशाल जनसैलाब
उनकी अंतिम यात्रा में चंदेरी सहित संपूर्ण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ आम नागरिकों ने भी अंतिम यात्रा में पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके सम्मान में चंदेरी का बाजार बंद रहा और व्यापारियों सहित नगरवासियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर शोक व्यक्त किया। अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब उनके लंबे सामाजिक जीवन और लोगों से रहे आत्मीय संबंधों की झलक देता रहा।
परिवार में ये सदस्य
उनके परिवार में कुंवर दिलीप सिंह, कुंवर प्रदीप सिंह,पुत्र पुष्पेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, भतीजे शैलेंद्र सिंह एवं प्रतीक सिंह तथा पौत्र हर्षवर्धन सिंह सहित परिवार के अन्य सदस्य हैं।
एक दौर का हुआ अंत
चौधरी कुंवर पदम सिंह जैन के निधन के साथ चंदेरी के सार्वजनिक जीवन के एक लंबे दौर का अंत हुआ है। चार दशक तक सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रहने वाले पदम सिंह जैन की पहचान केवल एक प्रतिष्ठित परिवार के सदस्य के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक नेतृत्व, धार्मिक गतिविधियों और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तित्व के रूप में रही।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसमुदाय और बाजार बंद रखकर व्यक्त किया गया सामूहिक शोक इस बात का प्रतीक रहा कि चौधरी कुंवर पदम सिंह जैन ने चंदेरी के सामाजिक जीवन में अपने लिए एक विशिष्ट स्थान बनाया था। उनके निधन के साथ जागीरदारी परंपरा के एक युग का सूर्यास्त जरूर हुआ, लेकिन उनकी स्मृतियां और सामाजिक योगदान लंबे समय तक याद किए जाते रहेंगे।







