छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच स्कूलों के खुलने की निर्धारित तारीख भी नजदीक आ गई है. राज्य में ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जून को समाप्त होने वाला है, जिसके बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होनी है. हालांकि प्रदेश के अधिकांश इलाकों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अभी भी जारी है. ऐसी परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार से स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने की मांग की है.
दीपक बैज का कहना है कि वर्तमान मौसम बच्चों के लिए अनुकूल नहीं है. प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों का सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है. उनका मानना है कि इतनी तेज गर्मी में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है.
उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश को 30 जून तक बढ़ा दिया जाए और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 जुलाई से की जाए. बैज का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए. यदि मौजूदा परिस्थितियों में स्कूल खोले जाते हैं तो छात्रों को गर्मी और लू से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश में गर्म हवाओं का असर इतना अधिक है कि आम लोग सुबह के समय भी घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं. सुबह आठ बजे के बाद सड़कों पर निकलना कठिन हो रहा है. ऐसे में स्कूली बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए मजबूर करना उचित नहीं माना जा सकता.
उन्होंने सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने और जल्द से जल्द निर्णय लेने की अपील की है. बैज का मानना है कि मौसम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्कूलों का संचालन कुछ दिनों के लिए टालना ही बच्चों के हित में होगा. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और विद्यार्थियों के हित में कोई नया फैसला लिया जाता है या नहीं.









