भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए आयोजित स्कूटी वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं की प्रतिभाओं का सम्मान करने और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लगभग 1 लाख रुपये तक की कीमत वाली स्कूटी की चाबी सौंपी गई।
शिक्षा के क्षेत्र में आया ऐतिहासिक बदलाव
मुख्यमंत्री ने पुरानी व्यवस्थाओं को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश के कई स्कूलों में बच्चों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और प्राथमिक स्कूलों में ड्राप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो अब घटकर शून्य हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पहले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट महज 2,600 करोड़ रुपये था, जिसे वर्तमान में बढ़ाकर 38 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। प्रदेश सरकार आज स्कूली बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस, साइकिल और मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी जैसी सौगातें दे रही है।
सांदीपनि विद्यालयों से मिल रही प्राइवेट स्कूलों को टक्कर
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त 'सांदीपनि विद्यालय' खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में प्राइवेट स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। यही कारण है कि अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी शासकीय और सांदीपनि स्कूलों से आ रहे हैं।
युवाओं के सपनों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
संबोधन के दौरान सीएम ने कहा कि जब कोई बच्चा अपनी मेहनत के बल पर घर में स्कूटी लाता है, तो माता-पिता और पूरे समाज का गौरव बढ़ता है। आज प्रदेश के युवा केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सीए, नीट, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के साथ-साथ एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू कर खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद देश में 'चार्टर्ड अकाउंटेंट' (CA) के क्षेत्र में करियर के अपार अवसर बढ़े हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के विजन और डीबीटी व्यवस्था की सराहना
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार से निकलकर देश के शीर्ष पर पहुंचे पीएम मोदी ने डिजिटल पेमेंट और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भ्रष्टाचार को खत्म किया है। आज सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे गरीबों के बैंक खातों में पहुंच रहा है।
'विकसित भारत @2047' का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और जब आज के ये मेधावी युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश के विकास में योगदान देंगे, तो भारत दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर उभरेगा। सरकार 'अमृतकाल' में 'विकसित भारत @2047' के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।









