Gopalak Sammelan गौपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज से मध्यप्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया। प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का विशाल व समृद्ध परिवार है।
गरीब, युवा, महिला और नारी शक्ति के कल्याण के लिए सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से 17 विभागों को एक साथ जोड़कर किसानों के हित में काम किया जा रहा है। किसानों की समृद्धि और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू किए हैं।
MP में प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर दूध उत्पादन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, प्रत्येक जिले में कृषि मेले, कृषि यंत्रों की प्रदर्शनियां और उन्नत कृषि की जानकारी किसानों को दी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने में दूध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मध्यप्रदेश में प्रतिदिन 2 करोड़ लीटर से अधिक दूध का उत्पादन हो रहा है। मध्यप्रदेश अब दूध उत्पादन में देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। डॉ यादव ने कहा मैं भी किसान परिवार से आता हूं, इसलिए पशुपालक और गोपालकों की परेशानियों को अच्छी तरह समझता हूं। पहले दुग्ध उत्पादकों से बिचौलिए लाभ कमाते थे, अब सहकारिता के माध्यम से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
डेयरी प्लांट का भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू हुआ है। वर्तमान में दुग्ध समितियों के माध्यम से 12 लाख लीटर दूध प्रतिदिन खरीदा जा रहा है। किसानों को अब ₹55 प्रति लीटर तक दूध का भाव मिल रहा है।
प्रदेश में ₹255 करोड़ की लागत से डेयरी प्लांट का भूमि पूजन हो रहा है, जिसकी क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन होगी। भोपाल में ₹17 करोड़ की लागत से डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया जा रहा है। भोपाल में लैबोरेटरी और शिवपुरी में चिलिंग प्लांट का भी लोकार्पण हो रहा है।
मध्यप्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत
केंद्रीय मंत्री अमित शाह के करकमलों से मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र में चार बड़ी सौगातें मिल रही हैं। दुनिया में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध उत्पादन 330 ग्राम, भारत में 485 ग्राम और मध्यप्रदेश में 750 ग्राम है। आज मध्यप्रदेश में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत हो रही है।
जिन गांवों में अभी दुग्ध समितियां नहीं हैं, वहां समितियां बनाई जाएंगी। दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ाकर दूध संग्रहण को 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 6 दुग्ध संघ संचालित हैं। इनके बेहतर प्रदर्शन, पारदर्शी नीतियों और डेयरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।
गौशालाओं का बढ़ाकर ₹40 प्रति गाय किया गया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है, लेकिन उन्नत नस्ल के अभाव में दूध उत्पादन क्षमता कम है। गुजरात की तुलना में मध्यप्रदेश में उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। गिर, साहिवाल जैसी उन्नत नस्ल की गायों और अधिक दूध देने वाले पशुओं की संख्या बढ़ाई जाएगी।
गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सहकारिता और पशुपालन के माध्यम से हमारे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। प्रदेश में 3500 गौशालाओं में करीब 5 लाख गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है।
- प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन गांव विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में गौ पालन को प्रकृति प्रेम और सेवा का अनुपम उदाहरण बनाया जाएगा। व्यक्तिगत स्तर के साथ-साथ गौशालाओं के माध्यम से भी दूध उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में गौशालाओं को मिलने वाला अनुदान ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रति गाय किया गया है।
गौ माता की सेवा के लिए 168 नई गौ एंबुलेंस शुरू
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। योजना में ₹40 लाख की लागत से 25 गाय पालने पर ₹10 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक के वृंदावन ग्रामों में उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले गौ पालक को ₹1 लाख, द्वितीय को ₹50 हजार और तृतीय को ₹25 हजार का पुरस्कार मिलेगा।
- प्रदेश में वर्तमान में 406 गौ एंबुलेंस संचालित हैं। अब 168 नई गौ एंबुलेंस शुरू की जाएंगी। ये एंबुलेंस गौ माता की सेवा और उपचार के लिए काम करेंगी। प्रदेश में पशु मेले बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को 21 साल बाद राज्य परिवहन बस सेवा की सौगात मिली है। मध्य प्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश में 50 लाख से अधिक निशुल्क रजिस्ट्री की जा रही है।









