उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मथुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़कर ही पूरा किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि विकास का मतलब केवल सड़क, बिजली, पानी, इमारतों और उद्योगों का विस्तार नहीं है, बल्कि देश की परंपराओं, संस्कृति और ज्ञान को आगे बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है.
मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में काफी बदलाव देखने को मिला है. उनके मुताबिक अब प्रदेश में दंगों और अशांति की चिंता के बजाय लोग धार्मिक पर्व और त्योहार उत्साह के साथ मनाते हैं.
इतिहास और संस्कृति को भुलाने का लगाया आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय तक विकास की चर्चा के दौरान विरासत को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर ऐतिहासिक विरासत का अपमान हुआ और देश के कई नायकों को लोगों की स्मृतियों से हटाने की कोशिश की गई.
मथुरा के इतिहास और मंदिरों पर हुए हमलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम कठिन परिस्थितियों के बावजूद सनातन परंपराएं खत्म नहीं हुईं. उन्होंने सवाल किया कि मंदिरों को नुकसान पहुंचाने वाले आक्रांता क्या भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी और ब्रज की धार्मिक परंपराओं की स्मृति मिटा सके. योगी ने जन्माष्टमी, वृंदावन की भक्ति, बरसाना की होली और गोवर्धन परिक्रमा का उदाहरण देते हुए इसे ब्रज की सांस्कृतिक शक्ति बताया.
विरासत सिर्फ स्मारकों तक सीमित नहीं
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि यह लंबे समय से चले आ रहे सभ्यतागत संघर्ष का परिणाम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विरासत का दायरा केवल मंदिरों या ऐतिहासिक स्मारकों तक सीमित नहीं है. योगी के मुताबिक भारतीय विरासत में भाषा, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, कौशल, ज्ञान और लोक परंपराएं भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन्हीं परंपराओं से जुड़कर भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
मथुरा में 229 परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक पहुंचे. उन्होंने इसे बेहतर कनेक्टिविटी, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में हुए सुधार का परिणाम बताया.
योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर मथुरा पहुंचे थे. जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर उन्होंने जिले में करीब 1,051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.
इस दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चाबी, चेक, स्वीकृति पत्र, नियुक्ति पत्र और टूलकिट भी वितरित किए गए. अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं से मथुरा-वृंदावन और अन्य धार्मिक स्थलों पर धार्मिक पर्यटन, यात्री सुविधाओं, सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.









