भोपाल। मध्यप्रदेश में युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम यूथ कॉन्क्लेव में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को शिक्षा से लेकर रोजगार तक हर स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए शोधार्थियों को मिलने वाली मासिक राशि को 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की बात कही।
शासकीय कॉलेजों में बनेंगी AI और एडवांस कंप्यूटिंग लैब
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ व्यावहारिक रूप से जुड़ने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
स्टार्टअप के लिए 5 करोड़ रुपये का आइडिया फंड
युवाओं के नए और नवाचार आधारित विचारों को बढ़ावा देने के लिए सरकार 5 करोड़ रुपये का आइडिया फंड बनाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं के अच्छे बिजनेस और स्टार्टअप आइडियाज को प्रोत्साहन देना है।
छात्राओं को मिलेगी अतिरिक्त सहायता
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्नातकोत्तर स्तर की छात्राओं को भी गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं को आर्थिक सहायता का लाभ मिल सकेगा।
युवाओं के प्लेसमेंट के लिए नियुक्त होगी एजेंसी
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार एक विशेष एजेंसी नियुक्त करेगी। यह एजेंसी युवाओं के प्लेसमेंट और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी। सरकार का फोकस युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार से जोड़ने पर रहेगा।
NSS की 500 नई इकाइयां बनेंगी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की 500 नई इकाइयां स्थापित करने की भी घोषणा की। इसके माध्यम से अधिक संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं को सामाजिक सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
शोध के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड
शोध को बढ़ावा देने के लिए शोध संस्थाओं में विश्वविद्यालय निधि से 1 करोड़ रुपये का फंड स्थापित किया जाएगा। इससे शोध और नवाचार से जुड़े कार्यों को आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।
एक लाख युवाओं का होगा कौशल उन्नयन
प्रदेश में एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है।
कामकाजी महिलाओं के लिए हर संभाग में हॉस्टल
कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक संभाग में वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाए जाएंगे। इससे नौकरी करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
2027 में फिर होगा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने पर जोर रहेगा।
PSC की सालाना परीक्षा के अलावा विशेष परीक्षा
युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (PSC) की सालाना परीक्षा के अतिरिक्त अब हर वर्ष एक विशेष परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।
युवा वर्ष 2027 के लिए बनेगा पोर्टल
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा वर्ष 2027 के लिए एक विशेष पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से युवा अपने आइडिया और सुझाव सरकार के साथ साझा कर सकेंगे। उपयोगी सुझावों और आइडियाज को लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
अगले साल 12 मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगले वर्ष प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए 12 स्किल यूनिवर्सिटी भी प्रारंभ की जाएंगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को शिक्षा, कौशल, स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।









