खबर digital news /reporter कटनी -- जिले की सुस्त प्रशासनिक व्यवस्था पर आखिरकार कलेक्टर आशीष तिवारी का सख्त तेवर सामने आ गया। सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के कामों में लापरवाही, देरी और गैरजिम्मेदारी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कई विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने और लंबित मामलों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में बड़ी संख्या में नॉन-अटेंडेड शिकायतें मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं वन, खनिज, श्रम, सामाजिक न्याय, पीएचई, सहकारिता और आबकारी विभागों को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो जवाबदेही तय होगी।
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि खाद-बीज वितरण, पेंशन, संबल योजना, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी मूलभूत सेवाओं में देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
कृषि व्यवस्था की समीक्षा में डीएपी खाद की उपलब्धता पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। विजयराघवगढ़ क्षेत्र में बड़े व्यापारियों के यहां खाद का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश दिए गए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एएनसी जांच की कमजोर प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित बीएमओ को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही आगामी दस्तक अभियान के तहत डायरिया नियंत्रण और पेयजल स्रोतों के क्लोरीनीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
बैठक में जानकारी के बिना पहुंचे नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के सब इंजीनियर को फटकार लगाई गई, जबकि पॉलिटेक्निक कॉलेज कटनी के प्राचार्य की अनुपस्थिति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल बैठकें करना नहीं, बल्कि जनता को समय पर न्याय और सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब काम में ढिलाई पर सीधे कार्रवाई होगी और जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
"जनता के काम में लापरवाही पड़ेगी भारी! कलेक्टर का बड़ा एक्शन, गैरहाजिर अफसरों को नोटिस, लंबित शिकायतों पर
कटनी। जिले की सुस्त प्रशासनिक व्यवस्था पर आखिरकार कलेक्टर आशीष तिवारी का सख्त तेवर सामने आ गया। सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के कामों में लापरवाही, देरी और गैरजिम्मेदारी अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कई विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने और लंबित मामलों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए गए।सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में बड़ी संख्या में नॉन-अटेंडेड शिकायतें मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं वन, खनिज, श्रम, सामाजिक न्याय, पीएचई, सहकारिता और आबकारी विभागों को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो जवाबदेही तय होगी।कलेक्टर ने दो टूक कहा कि खाद-बीज वितरण, पेंशन, संबल योजना, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी मूलभूत सेवाओं में देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।कृषि व्यवस्था की समीक्षा में डीएपी खाद की उपलब्धता पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। विजयराघवगढ़ क्षेत्र में बड़े व्यापारियों के यहां खाद का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश दिए गए ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एएनसी जांच की कमजोर प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित बीएमओ को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही आगामी दस्तक अभियान के तहत डायरिया नियंत्रण और पेयजल स्रोतों के क्लोरीनीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।बैठक में जानकारी के बिना पहुंचे नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के सब इंजीनियर को फटकार लगाई गई, जबकि पॉलिटेक्निक कॉलेज कटनी के प्राचार्य की अनुपस्थिति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल बैठकें करना नहीं, बल्कि जनता को समय पर न्याय और सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब काम में ढिलाई पर सीधे कार्रवाई होगी और जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। COLLECTOR STRICT ACTION
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट







