डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने शनिवार को जिला पोषण समिति की बैठक ली। बैठक में पोषण से जुड़े कामों की जांच की गई। जांच में कई काम बहुत धीमे मिले। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी अफसरों से 15 दिन में काम सुधारने को कहा। कलेक्टर ने देखा कि ये काम ठीक से नहीं हो रहे हैं - कुपोषित बच्चों की पहचान का काम धीमा है । गरीब लोगों तक योजना का फायदा नहीं पहुंच रहा । बच्चों और महिलाओं के आधार कार्ड और अपार आईडी बनाने का काम बहुत सुस्त है।
कलेक्टर ने देखा कि ये काम ठीक से नहीं हो रहे हैं - कुपोषित बच्चों की पहचान का काम धीमा है । गरीब लोगों तक योजना का फायदा नहीं पहुंच रहा । बच्चों और महिलाओं के आधार कार्ड और अपार आईडी बनाने का काम बहुत सुस्त है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चे कम आ रहे हैं। पहले भी बच्चों की संख्या बढ़ाने को कहा गया था, पर कोई सुधार नहीं हुआ।
इस पर कलेक्टर ने ये आदेश दिए- पर्यवेक्षक रोज आंगनवाड़ी केंद्रों का दौरा करें और गांव में बैठकें करें। बच्चों के वजन और लंबाई के आंकड़े ठीक से जुटाएं। जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता काम में लापरवाही करें, उनकी नौकरी खत्म करने का कागज तुरंत भेजें। केंद्रों में साफ-सुथरा और पौष्टिक खाना बने। रसोई की रोज सफाई और जांच हो
कई गांवों में बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र नहीं बने हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि ई-गवर्नेंस वाले अफसर उन गांवों में जाकर विशेष कैंप लगाएं। 15 दिन में सबका आधार कार्ड बन जाना चाहिए।
15 दिन बाद फिर जांच होगी
कलेक्टर ने साफ कहा कि सभी विभाग 15 दिन में अपना काम सुधारें। इसके बाद वे फिर से बैठक करेंगी और हर काम की जांच करेंगी। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं को पोषण का पूरा फायदा मिलना चाहिए। इसमें कोई ढील नहीं चलेगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, सीएमएचओ डॉ. रमेश मरावी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम को बात सिंगोरे और जिले के सभी सीडीपीओ व अन्य अफसर मौजूद रहे।
कलेक्टर के सख्त रुख से साफ है कि अब पोषण के काम में लापरवाही नहीं चलेगी। 15 दिन में नतीजे दिखाने होंगे।









