भोपाल। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति को उस समय बड़ा झटका लगा, कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया.. मध्य प्रदेश से दिल्ली तक इस मुद्दे पर जमकर राजनीति हुई. इस बीच जब विधायकों को बेंगलुरु ले जाने की तैयारी अंतिम समय में रद्द करनी पड़ी। विमान में सवार हो चुके विधायकों को टेकऑफ से पहले ही वापस लौटना पड़ा। इसके बाद हरदा से कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने ने पार्टी नेतृत्व पर खुलकर नाराजगी जाहिर की।
बेंगलुरु शिफ्ट किए जा रहे थे कांग्रेस विधायक
राज्यसभा चुनाव में संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने की तैयारी कर रही थी। इसके लिए विशेष विमान की व्यवस्था की गई थी। कई विधायक अपने परिवार के साथ यात्रा पर जाने वाले थे और सभी विमान में सवार भी हो चुके थे। इसी दौरान राजनीतिक घटनाक्रम में बदलाव आया और कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पूरा कार्यक्रम रोक दिया गया।
रनवे से वापस लौट आया था विमान
विमान टेकऑफ की तैयारी में रनवे तक पहुंच चुका था। लेकिन परिस्थितियां बदलने के बाद उड़ान रद्द कर दी गई और विमान को वापस लाया गया। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस विधायकों के बीच नाराजगी बढ़ा दी।
विधायक रामकिशोर दोगने ने जताई नाराजगी
बेंगलुरु दौरा रद्द होने के बाद हरदा विधायक रामकिशोर दोगने ने मीडिया से बातचीत में पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम में जल्दबाजी दिखाई गई और बेहतर रणनीति बनाई जाती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। दोगने ने कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं के फैसलों की वजह से विधायकों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। उनका आरोप था कि पूरे मामले में विधायकों की छवि और सम्मान को नुकसान पहुंचा है।
‘’बेइज्जती करने के सिवा कुछ और नहीं किया। कांग्रेस के नेताओं ने हम विधायकों की बेइज्जती की है। बीजेपी ने भी की है।’’
'3 दिन से जो हो रहा था, वह ठीक नहीं था'
कांग्रेस विधायक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से जो राजनीतिक गतिविधियां चल रही थीं, वे सही तरीके से प्रबंधित नहीं की गईं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि रनवे तक पहुंचने के बाद विमान को वापस लौटाना असामान्य स्थिति है और इससे कई तरह की चर्चाओं को बल मिला है।
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