डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी जिले के बजाग जनपद पंचायत के भानपुर गांव में विकास के नाम पर बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। यहां तीन साल पहले स्वीकृत हुई सीसी सड़क आज तक नहीं बनी, लेकिन सरकारी खजाने से 1 लाख 32 हजार रुपए का भुगतान पहले ही कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और तकनीकी अधिकारियों ने मिलकर बिना काम कराए ही सरकारी मद से सी सी सड़क की राशि निकाल ली।
ग्राम बिजोरा में मुख्य मार्ग से तालाब टोला तक सीसी सड़क बनाने के लिए वर्ष 2022-23 में 15वें वित्त आयोग से 3 लाख 5 हजार रुपए की राशि शासन द्वारा मंजूर हुई थी। नियम के अनुसार पहले सड़क बनती, फिर उपयंत्री मौके पर जाकर काम की जांच करते और उसके बाद भुगतान होता।
लेकिन भानपुर पंचायत में इसके बिल्कुल उल्टा हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह सड़क बननी थी, वहां आज तक कोई भी काम नहीं हुआ । इसके बावजूद पंचायत ने अलग अलग दुकानों के नाम से सीमेंट, गिट्टी और रेत के फर्जी बिल लगाकर दो किस्तों में 1 लाख 32 हजार रुपए निकाल लिए। जब ग्रामीण मौके पर गए तो वहां न सड़क मिली और न ही कोई निर्माण सामग्री।
गांव के लोगों को जब शक हुआ तो उन्होंने खुद जाकर जगह देखी। वहां सिर्फ कच्चा रास्ता और पत्थर पड़े थे। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जनपद पंचायत में की। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो पंचायतों में इस तरह के फर्जी भुगतान बढ़ते जाएंगे।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि बिना उपयंत्री के मूल्यांकन और बिना काम की जांच के सरकारी पैसा कैसे जारी हो गया। इस मामले में उपयंत्री आनंद उईके की भूमिका संदिग्ध नजर आती है।
इस मामले पर जनपद पंचायत बजाग के सीईओ सचिन अग्रवाल ने कहा है कि भानपुर पंचायत को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। "मैं कल खुद दफ्तर पहुंचकर पूरे मामले को दिखवाता हूं और जांच कराता हूं"। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक ग्रामीणों को न्याय मिलता है।
फिलहाल तस्वीर साफ है। कागजों में सड़क बनकर तैयार हो गई और उसका भुगतान भी हो गया, लेकिन जमीन पर गांव वालों को आज भी कच्चे रास्ते से ही गुजरना पड़ रहा है।









