MP Cabinet Eexpansion: मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल और राज्यसभा चुनाव को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इसी सिलसिले में आज यानी मंगलवार को सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक अहम और बड़े दौरे पर दिल्ली पहुंचे हैं। सूत्रों का दावा है कि मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा राज्य की आगामी राजनीति की दशा और दिशा तय करने वाला है, जिसमें वे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ बंद कमरे में महामंथन करेंगे।
इन नेताओं के नामों पर होगा मंथन!
मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर राजनैतिक समीकरण दिलचस्प हो चुके हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक, इन सीटों के लिए आगामी 18 जून 2026 को मतदान संपन्न कराया जाएगा, जिसके तुरंत बाद उसी दिन मतगणना पूरी कर ली जाएगी। मौजूदा विधानसभा की स्थिति के अनुसार, इन 3 सीटों में से 2 सीटें भाजपा के पाले में और 1 सीट कांग्रेस के खाते में जाना पूरी तरह तय माना जा रहा है।
बीजेपी के संभावित चेहरे
दिल्ली के राजनैतिक हलकों से आ रही खबरों के मुताबिक, भाजपा कोटे की दो सीटों के लिए कई कद्दावर नेताओं के नामों पर विचार किया जा रहा है। इस रेस में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम सबसे आगे चल रहा है। इनके अलावा वरिष्ठ नेता लाल सिंह आर्या, अरविंद भदौरिया, रंजना बघेल और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी के नामों को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म है। माना जा रहा है कि आज की बैठक के बाद दिल्ली से किसी भी वक्त नामों का आधिकारिक एलान हो सकता है।
कैबिनेट विस्तार का खाका होगा तैयार!
सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरे का दूसरा सबसे बड़ा एजेंडा मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार और पुराने मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने संभावित नए मंत्रियों की सूची रखेंगे। खराब परफॉर्मेंस वाले कुछ मौजूदा मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाने और नए चेहरों को कैबिनेट में जगह देने के फॉर्मूले पर अंतिम सहमति आज ही बन सकती है।
इस बैठक के बाद मध्य प्रदेश में केवल मंत्रियों के चेहरे ही नहीं बदलेंगे, बल्कि कई बड़े मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। दिल्ली में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक पर मध्य प्रदेश के सभी विधायकों और राजनैतिक जानकारों की निगाहें टिकी हुई हैं। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कयासों और सूत्रों के दावों का दौर जारी है।









