भोपाल, नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित खतरे और प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रभावित और संभावित क्षेत्रों वाले राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेश आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस संकट की घड़ी में भारत सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ देश के नागरिकों के साथ खड़ी है।
संकट की स्थिति में केंद्र का पूरा सहयोग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री ने इस संवाद की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन राज्यों में आपदा के कारण आम जनता को होने वाली परेशानियों और कठिनाइयों को कम करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने को तत्पर है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हुई हैं।
युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है। ये टीमें अत्यधिक सक्रियता के साथ युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। संवेदनशील और तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।
नुकसान के आंकलन के लिए जल्द जाएंगी IMCT टीमें
आपदा के बाद स्थिति की पूरी समीक्षा और वित्तीय व बुनियादी मदद का सही आंकलन करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) प्रभावित राज्यों में भेजेगी। ये टीमें जमीनी स्तर पर हुए नुकसान का सर्वेक्षण करेंगी, जिसके आधार पर केंद्र सरकार राज्यों को आगे की आवश्यक वित्तीय और भौतिक सहायता तय करेगी।
जन-कल्याण के लिए प्रतिबद्ध भारत सरकार
गृह मंत्री ने दोहराया कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन परिस्थिति में केंद्र सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। प्रभावित राज्यों को आवश्यक संसाधनों, राशन, और चिकित्सीय सहायता से लेकर हर तरह का लॉजिस्टिक सपोर्ट बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।









