खबर डिजिटल कटनी-- कुठला थाना परिसर के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने वाले इंद्रानगर निवासी दलपत पटेल (60) की जबलपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव कटनी पहुंचने पर इंद्रानगर तिराहे पर स्वजनों और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्वजन शव को चौराहे पर रखकर पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे।स्वजनों का आरोप था कि चोरी के एक मामले में दलपत पटेल के बेटे मोहित की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी से पुलिस ने पूछताछ की थी। परिवार का आरोप है कि मृतक की पत्नी के साथ कथित रूप से मारपीट की गई और बेटी को भी मामले में आरोपी बनाने की धमकी दी गई। इन्हीं परिस्थितियों से परेशान होकर दलपत पटेल ने आत्मघाती कदम उठाया।थाना पहुंचकर खुद को लगाई थी आगबताया गया कि चोरी के मामले में पुलिस ने दलपत पटेल के बेटे मोहित पटेल को एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान कुछ जेवर बरामद होने की बात सामने आई थी। जेवरों की बिक्री से जुड़े साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस मृतक की पत्नी से पूछताछ कर रही थी।इसी दौरान शुक्रवार को दलपत पटेल ऑटो से कुठला थाना पहुंचा। थाना गेट के बाहर उसने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली और जलते हुए थाना परिसर की ओर चला गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आग बुझाकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।एक घंटे से अधिक समय तक चौराहे पर प्रदर्शनशनिवार को शव कटनी पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने उसे घर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन मृतक के स्वजन शव को इंद्रानगर चौराहे पर ही रखने की मांग पर अड़ गए। एंबुलेंस से शव उतारकर चौराहे पर रख दिया गया। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ और करीब एक घंटे से अधिक समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।स्वजनों ने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मृतक की पत्नी के साथ कथित मारपीट और बेटी को मामले में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि दलपत के गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें उससे मिलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।अधिकारियों के आश्वासन के बाद हटाया शवप्रदर्शन की सूचना पर तहसीलदार अवंतिका तिवारी, एसडीओपी मुख्यालय रत्नेश मिश्रा और एसडीओपी अनिमेष द्विवेदी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्वजनों से चर्चा कर मामले की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।परिवार को मामले में किसी अन्य सदस्य को परेशान नहीं किए जाने का भी आश्वासन दिया गया। तहसीलदार ने शासन की ओर से परिवार को त्वरित सहायता के रूप में 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्वजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया और शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए।
कुठला थाना आत्मदाह मामले में वृद्ध की मौतइंद्रानगर चौराहे पर शव रखकर स्वजनों का प्रदर्शन, पुलिस पर गंभीर आरोप
Khabar Digital Desk
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