मध्यप्रदेश के दतिया जिले में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय के बाहर लगाया गया एक शुभकामना पोस्टर इन दिनों राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है. पोस्टर में पार्टी के बड़े नेताओं से लेकर स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधियों तक को जगह दी गई है, लेकिन दतिया विधानसभा से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी की तस्वीर इसमें नजर नहीं आ रही है. इसी को लेकर अब पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं.
पीएम मोदी से लेकर स्थानीय नेताओं तक की तस्वीर
भाजपा कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की तस्वीर दिखाई दे रही है. इसके अलावा स्थानीय पार्षदों और संगठन से जुड़े कई नेताओं को भी पोस्टर में शामिल किया गया है.
बताया जा रहा है कि यह पोस्टर किसी पर्व या विशेष कार्यक्रम के अवसर पर शुभकामना संदेश के तौर पर लगाया गया है. हालांकि पोस्टर में कई नेताओं को स्थान मिलने के बावजूद आशुतोष तिवारी का फोटो और नाम दोनों ही नहीं हैं. यही बात अब चर्चा का विषय बन गई है.
चुनाव में कम अंतर से मिली थी हार
आशुतोष तिवारी दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की ओर से मैदान में उतरे थे. इस चुनाव में उन्हें बेहद कम वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. चुनाव के बाद भी उनकी क्षेत्र में सक्रियता बनी हुई है. वे लगातार स्थानीय गतिविधियों में नजर आते हैं और पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं.
ऐसे में भाजपा के जिला कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर लगाए गए पोस्टर में उनका नाम और तस्वीर नहीं होना कई तरह की राजनीतिक अटकलों को जन्म दे रहा है.
जिलाध्यक्ष की दौड़ से जोड़कर देखा जा रहा मामला
राजनीतिक चर्चाओं के बीच कुछ लोग इस घटनाक्रम को भाजपा के भीतर चल रही कथित खींचतान से जोड़कर देख रहे हैं. खासतौर पर जिलाध्यक्ष पद को लेकर नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के समर्थक खेमों के बीच मतभेद की चर्चाएं पहले से चलती रही हैं. ऐसे में पोस्टर से तिवारी की तस्वीर गायब होने को कुछ लोग संगठन के भीतर की राजनीति से जोड़ रहे हैं.
हालांकि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि पोस्टर में फोटो छूट जाना महज एक सामान्य गलती भी हो सकती है. इसे किसी राजनीतिक संदेश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. फिलहाल पार्टी की ओर से इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन पोस्टर सामने आने के बाद दतिया की स्थानीय राजनीति में चर्चा जरूर तेज हो गई है.









