भोपाल/ सुनील बंशीवाल/ खबर डिजिटल/ दतिया विधानसभा उपचुनाव के मतदान के बाद कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने अपने ही दल के उम्मीदवार घनश्याम सिंह को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
पूर्व विधायक राजेंद्र भारती का बयान
राजेंद्र भारती का कहना है कि दतिया क्षेत्र में कांग्रेस की मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाने के लिए उन्होंने वर्षों तक लगातार मेहनत की और जनता के बीच संगठन को खड़ा किया। उनके अनुसार, आज जिस जनाधार और राजनीतिक माहौल का लाभ पार्टी को मिल रहा है, उसकी नींव उनके लंबे संघर्ष और प्रयासों से तैयार हुई है।
क्या गुटबाजी हावी?
पूर्व विधायक ने घनश्याम सिंह की राजनीतिक क्षमता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में इतने प्रभावशाली नेता होते, तो उन्हें पिछले चुनावों में पराजय का सामना नहीं करना पड़ता। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है।
चुनाव परिणाम पर निगाह
फिलहाल, कांग्रेस की ओर से राजेंद्र भारती के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतदान संपन्न होने के बाद इस तरह की बयानबाजी दतिया की राजनीति को और अधिक गरमा सकती है। अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिकी हैं, जिनसे यह स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किस पर अपना भरोसा जताया है।









