दतिया/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के दतिया में कांग्रेस के एक सम्मान समारोह ने उस वक्त राजनीतिक सुर्खियां बटोरीं, जब कार्यक्रम के मंच पर लगे बैनर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की तस्वीर गायब दिखाई दी। कार्यक्रम नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बनाए गए अवधेश नायक के सम्मान में आयोजित किया गया था। बैनर में कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरें नजर आईं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की फोटो नहीं थी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी यह बात चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि, आयोजकों की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बैनर में पटवारी की तस्वीर क्यों नहीं लगाई गई।
BJP ने ली चुटकी, कहा- कांग्रेस में मौसम बदल रहा है
कांग्रेस के कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष की तस्वीर न होने का मुद्दा अब भाजपा ने भी उठा लिया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जीतू पटवारी पर तंज कसा। उन्होंने पटवारी को टैग करते हुए लिखा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जहां पहले खूब उत्साह दिखा रहे थे, वहीं विधानसभा की जीत के सम्मान समारोह में उनकी तस्वीर तक नजर नहीं आई।
भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि 'लगता है कांग्रेस में मौसम बदल रहा है, आगे-आगे देखिए होता है क्या।' उनके इस बयान के बाद दतिया कांग्रेस के भीतर संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पूर्व टीआई शेर सिंह बड़ोनिया ने थामा कांग्रेस का हाथ
इसी कार्यक्रम में पूर्व टीआई शेर सिंह बड़ोनिया ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने के बाद बड़ोनिया ने अपने पुलिस सेवा के कार्यकाल और विभागीय कार्रवाई से जुड़े पुराने घटनाक्रम का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें महज 25 मिनट के भीतर पुलिस सेवा से बाहर कर दिया गया था। बड़ोनिया ने कहा कि उनके लिए यह केवल नौकरी जाने का मामला नहीं था, बल्कि उनके स्वाभिमान से जुड़ा विषय था। इसी स्वाभिमान को आधार बनाकर उन्होंने राजनीति में आने का निर्णय लिया।
बोले- मान-सम्मान के लिए कभी समझौता नहीं करना चाहिए
कांग्रेस में शामिल होने के बाद मंच से बड़ोनिया ने अपने राजनीतिक तेवर भी जाहिर किए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने मान-सम्मान के लिए कभी झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि दोस्ती हो तो उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाना चाहिए और यदि मुकाबला सामने हो तो पूरी ताकत के साथ उसका सामना करना चाहिए। अपने कठिन दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने पत्नी रचना सिंह को भी याद किया और कहा कि मुश्किल समय में उन्होंने उनका साथ दिया तथा हौसला बनाए रखा।
नरोत्तम मिश्रा पर भी साधा सीधा निशाना
बड़ोनिया ने अपने संबोधन में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जब नरोत्तम मिश्रा के नाम के आगे ‘पूर्व’ शब्द जुड़ा तो उन्हें और दतिया की जनता को खुशी हुई। उन्होंने कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह की जीत को जनता का फैसला बताते हुए कहा कि दतिया के मतदाताओं ने बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है।
एक कार्यक्रम में दिखे दो अलग-अलग राजनीतिक संदेश
दतिया के इस कार्यक्रम ने कांग्रेस के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया। एक तरफ पूर्व टीआई शेर सिंह बड़ोनिया का कांग्रेस में शामिल होना और नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ उनका खुला राजनीतिक हमला चर्चा में रहा, तो दूसरी ओर सम्मान समारोह के बैनर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की तस्वीर का गायब होना भी सवाल खड़े करता रहा।हालांकि, तस्वीर न होने के पीछे आयोजकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि यह महज बैनर तैयार करते समय हुई चूक थी या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश था।
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