दतिया जिले की राजनीति में उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है. कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक साथ भाजपा का दामन थाम लिया. इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और स्थानीय स्तर पर नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसका असर चुनावी माहौल पर भी दिखाई दे सकता है.
500 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी में शामिल
युवा नेता राजबहादुर के नेतृत्व में 500 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. भाजपा की सदस्यता लेने के दौरान कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री Narottam Mishra के कामकाज और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की खुलकर सराहना की. उनका कहना था कि वे डॉ. मिश्रा की कार्यशैली और जनता के प्रति उनके व्यवहार से प्रभावित हैं. कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि दतिया के विकास और अपने सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने भाजपा में जाने का फैसला लिया है.
भाजपा में शामिल नेता क्या बोले
भाजपा में शामिल होने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक Rajendra Bharti पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार प्रताड़ित किया गया. उनका दावा है कि कई कार्यकर्ताओं पर झूठे मामले भी दर्ज कराए गए, जिससे नाराज होकर बड़ी संख्या में लोगों ने कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया.
कांग्रेस ऐसे मजबूत कर सकती है पकड़
एक तरफ भाजपा संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं का दूरी बनाना पार्टी के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. ऐसे हालात में कांग्रेस को जिले में अपनी पकड़ मजबूत करने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए नई रणनीति बनानी पड़ सकती है.









