देवास/धर्मेंद्र योगी/खबर डिजिटल/ खातेगांव से एक अनोखी भक्ति का नज़ारा सामने आया है, जहां विशाल विश्वकर्मा नामक नर्मदा भक्त नुकीली लोहे की 1008 कीलों पर लेटकर दंडवत करते हुए नेमावर के नर्मदा तट की ओर बढ़ रहे हैं। यह यात्रा भक्ति के साथ-साथ आस्था और विश्वास की पराकाष्ठा भी मानी जा रही है।
15 किलोमीटर लंबी कठिन दंडवत यात्रा
विशाल बताते हैं कि मां नर्मदा ने उन्हें सपने में दर्शन दिए थे और कहा था कि वे नुकीली कीलों पर लेटकर उनके दरबार आएं इसी संदेश के आधार पर वह करीब 15 किलोमीटर लंबी यह कठिन दंडवत यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा में उनका परिवार भी साथ चल रहा है, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता और छोटे बच्चे शामिल हैं। परिवार राशन, पानी और कपड़े लेकर ठेले गाड़ी के साथ आगे बढ़ रहा है
नर्मदा तट पर की जाएगी पूजा अर्चना
इस दंडवत यात्रा में विशाल एक दिन में लगभग 2 से 3 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। दिन ढलने के बाद रात्रि विश्राम किया जाता है और सुबह फिर यात्रा शुरू होती है। यात्रा के अंत में नेमावर के नर्मदा तट पर पूजा-अर्चना की जाएगी।









