देवास/ धर्मेंद्र योगी/ खबर डिजिटल/ शिक्षा के क्षेत्र में लागू किए जा रहे नए प्रावधानों को लेकर देशभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के देवास जिले में स्वर्ण समाज ने यूजीसी (UGC) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने यूजीसी की प्रतीकात्मक 'अर्थी' निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और इसे 'काला कानून' करार दिया।
सयाजी द्वार से जवाहर चौक तक आक्रोश रैली
प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय सयाजी द्वार से हुई, जहां बड़ी संख्या में स्वर्ण समाज के पुरुष और महिलाएं एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जवाहर चौक पहुंची। यहां विरोध स्वरूप यूजीसी की प्रतीकात्मक अर्थी को अग्नि के हवाले कर दिया गया।
शिक्षा के मंदिर में बंटवारा मंजूर नहीं
प्रदर्शन में शामिल लोगों का तर्क है कि यह कानून न्यायपूर्ण नहीं है और इसके भविष्य में दुरुपयोग की पूरी संभावना है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा, जब हिंदू मठ-मंदिरों में दर्शन के लिए कोई आरक्षण नहीं मांगा जाता, तो फिर शिक्षा के मंदिर में छात्रों को जाति के आधार पर क्यों बांटा जा रहा है? उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार सभी के लिए समान होना चाहिए, इसे जातिगत आधार पर विभाजित करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के समापन पर समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम (SDM) अभिषेक शर्मा को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस विवादित कानून को तत्काल वापस लिया जाए। स्वर्ण समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले समय में आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।









