धार/खबर डिजिटल/विक्की राजपुरोहित/ धार के भोजशाला में बसंत पंचमी के मौके पर पूजा और नमाज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष से 12 बजे तक पूजा करने के लिए कहा है। इसके बाद मुस्लिम पक्ष नमाज पढ़ेगा। अखंड पूजा वाली याचिका पर फैसला सुनाया है। दरअसल हिंदू पक्ष ने 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति के लिए याचिका लगाई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज यानि 22 जनवरी को फैसला सुनाया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने की।
हिंदू पक्ष ने दिनभर पूजन को कहा
हिंदू पक्ष ने कहा है कि बीते कुछ वर्षों से बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है। कल बसंत पंचमी है और सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा, हवन और पारंपरिक अनुष्ठान होंगे। वहीं अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वस्त किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी व्यवस्था होगी, जैसा कि पिछले वर्षों में किया जाता रहा है।
मस्जिद पक्ष ने फैसले पर जताई सहमति
सुप्रीम कोर्ट के सामने मस्जिद पक्ष के वकील ने कहा कि दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के बाद परिसर खाली कर दिया जाएगा। हालांकि हिंदू पक्ष की ओर से यह सुझाव दिया गया कि नमाज शाम 5 बजे के बाद कराएं, ताकि पूजा निर्बाध संपन्न हो। इस पर मस्जिद पक्ष ने कहा कि जुमे की नमाज का समय बदला नहीं जा सकता। अन्य नमाजों के समय में बदलाव संभव है। जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।
अलग-अलग रास्तों की होगी व्यवस्था
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नमाज के लिए विशेष क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही नमाज के लिए परिसर के भीतर ही एक अलग और विशेष क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जहां आने-जाने के लिए अलग प्रवेश और निकासी मार्ग होंगे, ताकि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। साथ ही पूजा-पाठ भी ठीक से संपन्न हो। हिंदू समुदाय को भी बसंत पंचमी के अवसर पर पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए परिसर में अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।









