खबर digital संवाददाता कटनी-- एनकेजे थाना क्षेत्र में सट्टे का अवैध कारोबार नए रूप में फल-फूल रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि अब सटोरियों ने पारंपरिक पर्ची सिस्टम को छोड़कर डिजिटल तकनीक का सहारा ले लिया है। मोबाइल फोन और ऑनलाइन माध्यमों से संचालित हो रहे इस कथित नेटवर्क ने पुलिस और प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।जानकारों के अनुसार पहले जहां सट्टा पर्चियों और कागजी रिकॉर्ड के माध्यम से संचालित होता था, वहीं अब पूरा कारोबार मोबाइल आधारित हो गया है। व्हाट्सएप, कॉल और डिजिटल भुगतान के जरिए दांव लगाए जाने की चर्चाएं क्षेत्र में आम हैं। यही वजह है कि सट्टे का यह कारोबार अब लगभग "पेपरलेस" हो चुका है, जिससे सबूत जुटाना भी कठिन बताया जा रहा है।सूत्रों का आरोप है कि शहर के साथ-साथ थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों तक इस नेटवर्क की पहुंच बन चुकी है। युवाओं और मजदूर वर्ग को जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर इस अवैध गतिविधि में शामिल किए जाने की बातें भी सामने आ रही हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में डिजिटल माध्यम से सट्टे का संचालन हो रहा है तो संबंधित एजेंसियों और पुलिस की निगाह अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी? क्या तकनीक के सहारे चल रहे इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाई गई है या फिर सटोरियों के हौसले लगातार बुलंद होते जाएंगे?हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में तेजी से फैल रही चर्चाओं ने कानून-व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इन दावों की जांच कर सट्टे के इस कथित डिजिटल नेटवर्क पर कार्रवाई करता है या नहीं।
पर्ची से मोबाइल तक: एनकेजे क्षेत्र में डिजिटल सट्टे का जाल, कार्रवाई पर उठे सवाल
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