मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh ने भले ही इस बार राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया हो, लेकिन उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस को दोबारा मजबूत बनाने की तैयारी तेज कर दी है. पार्टी के लिए नई रणनीति के तहत दिग्विजय सिंह ने अब मिशन 2028 पर काम शुरू कर दिया है. उनका फोकस कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक को फिर से एकजुट करने पर है.
दिग्विजय सिंह ने कसी कमर
कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर-चंबल अंचल से राजनीतिक अभियान की शुरुआत की है. यहां मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग को एक मंच पर लाकर पार्टी ने अपने पुराने सामाजिक समीकरणों को फिर सक्रिय करने की कोशिश शुरू कर दी है. माना जा रहा है कि कांग्रेस आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन दोनों वर्गों को फिर से अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है.
‘मुहब्बत की दुकान’ सम्मेलन आयोजित
इस अभियान के तहत पूर्व मंत्री बालेंदु शुक्ला के सामाजिक संगठन ‘मुहब्बत की दुकान’ के बैनर तले एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया. कार्यक्रम ग्वालियर के रामाजी का पुरा स्थित हस्सू-हद्दू खां सभागार में हुआ, जहां मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को एक साथ बुलाया गया. यह इलाका दोनों समुदायों की अच्छी संख्या के लिए जाना जाता है और राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है.
कांग्रेस का मजबूत वोट बैंक कहां है
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग लंबे समय तक कांग्रेस का मजबूत वोट बैंक रहे हैं. हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है. ऐसे में कांग्रेस अब सामाजिक कार्यक्रमों और सम्मेलनों के जरिए फिर से इन वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग के राजनीतिक महत्व पर जोर
सम्मेलन के दौरान मंच पर दोनों वर्गों से जुड़े कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी भी खास चर्चा में रही. कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह ने मुस्लिम और अनुसूचित जाति वर्ग के राजनीतिक महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यदि दोनों वर्ग एकजुट होकर काम करें तो प्रदेश की राजनीति में बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं. सम्मेलन में समाज के कई लोगों का सम्मान भी किया गया.
कांग्रेस बनाएगी नई रणनीति
कांग्रेस अब भाजपा के मुकाबले नई सामाजिक और राजनीतिक रणनीति तैयार करने में जुटी दिखाई दे रही है. इसी कड़ी में दिग्विजय सिंह अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर नए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. माना जा रहा है कि मिशन 2028 के जरिए कांग्रेस प्रदेश में अपना खोया जनाधार वापस पाने की तैयारी कर रही है.









