डिंडोरी/शेलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ डिंडोरी जिला मुख्यालय में एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव खुलकर सामने आया है। जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) दिव्यांशु चौधरी के बीच 17 दिसंबर को हुई कहासुनी अब औपचारिक रूप से पुलिस जांच के दायरे में पहुंच गई है। मामला निर्माण कार्यों एवं मां की बगिया में लगाए जा रहे पौधों की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते विवाद का गंभीर रूप ले लिया।
सीईओ ने पुलिस थाने में की लिखित शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 को दोपहर लगभग 12:15 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते सीईओ दिव्यांशु चौधरी के कार्यालय पहुंचे। सीईओ द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में बताया गया है कि वे उस समय अपने कार्यालय कक्ष में विधिवत शासकीय कार्यों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने निर्माण कार्यों की राशि शीघ्र जारी कराने को लेकर दबाव बनाना शुरू किया, जबकि इस विषय पर चर्चा के लिए 22 दिसंबर 2025 की तिथि पहले ही तय की जा चुकी थी, जिसकी जानकारी अध्यक्ष को पूर्व में दी जा चुकी थी।
ऊंची आवाज में बातचीत करने का आरोप
सीईओ के अनुसार, इसके बावजूद अध्यक्ष द्वारा ऊंची आवाज में बातचीत की गई, टेबल ठोकते हुए दबाव बनाया गया तथा शासकीय कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न की गई। आरोप है कि इस दौरान अभद्र भाषा और गाली-गलौज का भी प्रयोग किया गया तथा धमकी दी गई कि “देखता हूं तुम कैसे काम करते हो।” घटना के समय कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारी-कर्मचारियों—कौशल किशोर धुर्वे, सुधीर कुमार चौरसिया, प्रवीण कुमार गुप्ता, फूलचंद यादव, जी.पी. चौधरी, भागीरथ प्रसाद यादव, पंचम लाल बरमैया, जगमोहन यादव सहित अन्य—भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से विवाद और तीखा होता गया।
सार्वजनिक रुप से अपमान की बात
सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस घटनाक्रम से उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ है, और उनकी व्यक्तिगत व शासकीय प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है तथा जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। वहीं, जिला पंचायत में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारियों ने भी सीईओ के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में समर्थन दर्ज कराया है।
मामला हुआ संवेदनशील
दूसरी ओर, सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते ने भी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनकी शिकायत में सीईओ पर एक जनप्रतिनिधि से अभद्रता करने और जानबूझकर अपमानित करने के आरोप लगाए गए हैं। इस प्रकार, दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
इनका कहना है
पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह ने बताया कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष पर अभद्रता, गाली-गलौज और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब जिले की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि के बीच उपजे इस विवाद में जिम्मेदारी किसकी तय होती है।









