शैलेश नामदेव, खबर डिजिटल, डिंडोरी। आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मिलावटखोरों और अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जांच के लिए भेजे गए वास्तु और गोपी घी के सैंपल अमानक (सबस्टैंडर्ड) पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद विभाग ने संबंधित चारों खाद्य विक्रेताओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, जिससे कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
तीन महीनों में भोपाल भेजे गए 12 सैंपल मिले खराब
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के सख्त निर्देशों के तहत डिंडोरी जिले में लगातार छापेमारी और खाद्य सामग्रियों की जांच का अभियान चलाया जा रहा है। पिछले तीन महीनों के भीतर जिले से विभिन्न खाद्य पदार्थों के 12 सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए थे, और ये सभी सैंपल अमानक स्तर के पाए गए हैं। पिछले छह महीनों में विभाग द्वारा कुल 93 खाद्य सामग्रियों के सैंपल जांच हेतु भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 40 सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है। इन रिपोर्ट्स में दूध, तेल, मावा, पनीर, मसाले, नमकीन, मिठाई और बिस्कुट जैसी आवश्यक वस्तुएं अमानक पाई गई हैं।
बिक रहा एक्सपायरी और प्रतिबंधित सामान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रभा तेकाम ने ग्रामीण क्षेत्रों में औचक निरीक्षण के दौरान पाया कि डिंडोरी जनपद के अझवार और बटौआ गांवों में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की सामग्रियां बेची जा रही थीं।
- अझवार गांव: यहां शिव किराना स्टोर में आठ प्लेट 'खस्ता' बिस्कुट एक्सपायरी डेट के मिले और प्रतिबंधित गहरे लाल व बैंगनी रंग की सामग्री पाई गई, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसके अलावा सांवरिया सेठ की दुकान से बिस्कुट और मसालों के सैंपल लिए गए।
- बटौआ गांव: यहां रमेश कुमार अग्रवाल की दुकान से दूध के पैकेट का सैंपल लिया गया। इसके साथ ही, बिलैया पूजन दुकान और अग्रवाल किराना स्टोर से 'गोपी घी' के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें वसा की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई और वनस्पति घी की मिलावट के संकेत मिले हैं।
बच्चों के स्वास्थ्य से हो रहा सीधा खिलवाड़
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण आम लोग बिना एक्सपायरी डेट देखे खाद्य सामग्रियां खरीद रहे हैं। इसके सेवन से विशेषकर बच्चों में उल्टी और दस्त जैसी स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ अब इन सभी नए प्रकरणों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यह साफ है कि आने वाले दिनों में मिलावटखोरों पर नकेल और अधिक कसने वाली है।









