डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडौरी जिले में सरकारी शिक्षण संस्थानों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। कहीं स्कूल समय पर नहीं खुलते, तो कहीं छुट्टी के वक्त से पहले ही तालें लटक जाते हैं। लापरवाही का ऐसा ही एक बड़ा मामला शनिवार को सामने आया, जब डिंडौरी के एसडीएम रामबाबू देवांगन अचानक स्कूलों का जायजा लेने घानाघाट पहुंच गए।
शनिवार सुबह जब एसडीएम रामबाबू देवांगन शासकीय हाई स्कूल घानाघाट पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। सुबह के 10:30 बज चुके थे, जो कि स्कूल शुरू होने का तय समय है। इसके बावजूद स्कूल के मुख्य दरवाजे पर बड़ा सा ताला लटका हुआ था। बच्चे अंदर जाने के बजाय बाहर जमीन पर बैठकर इंतजार कर रहे थे।
एसडीएम ने जब बाहर बैठे छात्र-छात्राओं से बात की, तो पता चला कि स्कूल के प्राचार्य रामलाल रजक मौके पर मौजूद ही नहीं थे। एसडीएम के पहुंचने के काफी देर बाद स्कूल के दूसरे शिक्षक वहां पहुंचे। इस गंभीर लापरवाही को देखकर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और स्कूल की व्यवस्थाओं को तुरंत सुधारने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने स्कूल के बाहर बैठे बच्चों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों से सामान्य ज्ञान के कुछ सवाल पूछे और उनके भविष्य के सपनों व करियर की योजनाओं के बारे में जाना।
बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए एसडीएम ने निर्देश दिया कि अब से हर शनिवार को स्कूल में सामान्य ज्ञान की एक विशेष क्लास लगाई जाए। विद्यार्थियों को आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया जाए।बच्चों को सही मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। माध्यमिक शाला में सब ठीक मिला।
हाई स्कूल का निरीक्षण करने के बाद एसडीएम रामबाबू देवांगन पास ही स्थित एकीकृत माध्यमिक शाला घानाघाट भी पहुंचे। यहाँ की स्थिति बेहतर मिली। स्कूल खुला था और सभी शिक्षक समय पर उपस्थित पाए गए।
एसडीएम ने यहाँ बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने रसोई का जायजा लिया और स्कूल प्रबंधन को सख्त हिदायत दी कि बच्चों को हर दिन सरकार के तय मानकों के अनुसार ताजा, साफ-सुथरा और पौष्टिक खाना ही परोसा जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पूरे निरीक्षण के बाद एसडीएम रामबाबू देवांगन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि शिक्षा के स्तर और बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा।
डिंडौरी एसडीएम रामबाबू देवांगन ने कहा कि "स्कूलों में समय का पालन, शिक्षकों की रोजाना उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी और शिक्षक नियमों का ईमानदारी से पालन करें। अगर आगे कभी भी इस तरह की लापरवाही दोबारा देखने को मिली, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
एसडीएम के इस औचक निरीक्षण से जिले के लापरवाह शिक्षकों और कर्मचारियों में खलबली मच गयी है। अब देखना यह होगा कि इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण इलाकों के स्कूलों की सूरत कितनी बदलती है।









