मतदाताओं को अब वोटर लिस्ट में नाम तलाशने, नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने या अपने आवेदन की स्थिति जानने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाने की जरूरत नहीं होगी. निर्वाचन आयोग ने इन सभी सुविधाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा दिया है. आयोग के ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाता घर बैठे कई चुनावी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं. ईसीआईनेट को निर्वाचन आयोग ने 22 जनवरी 2026 को शुरू किया था. इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव अधिकारियों और राजनीतिक दलों को भी जरूरी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराना है. इसके शुरू होने के बाद अलग-अलग चुनावी सेवाओं के लिए कई ऐप डाउनलोड करने की परेशानी काफी हद तक खत्म हो गई है.
वोटर लिस्ट से लेकर शिकायत तक की सुविधा
ईसीआईनेट पर मतदाता अपनी कई जरूरी जानकारियां ऑनलाइन हासिल कर सकते हैं. इसमें मतदाता सूची में नाम खोजने से लेकर नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने की सुविधा शामिल है. इसके अलावा पहले से किए गए आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकती है. अगर किसी मतदाता को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कोई शिकायत है या आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आता है, तो उसकी शिकायत भी डिजिटल माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है. इससे शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो गई है.
डिजिटल वोटर आईडी भी कर सकेंगे डाउनलोड
प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाता अपना डिजिटल मतदाता पहचान पत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं. इसके अलावा चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई है. मतदाता उम्मीदवारों से संबंधित विवरण, उनके शपथ पत्र और अन्य जरूरी जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं.
BLO से संपर्क करना भी हुआ आसान
ईसीआईनेट के जरिए मतदाताओं को बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO से संपर्क करने की सुविधा भी दी गई है. जरूरत पड़ने पर मतदाता BLO से कॉल बुक कर सकते हैं. इससे मतदाता सूची या पंजीकरण से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी तक पहुंचना आसान होगा.
चुनाव से जुड़ी कई जानकारियां एक जगह
ईसीआईनेट पर चुनाव अधिकारियों से संपर्क करने और मतदान से जुड़ी जानकारी हासिल करने की सुविधा भी उपलब्ध है. चुनाव के दौरान मतदान के रुझान सहित कई अहम अपडेट भी यहां देखे जा सकते हैं. इस तरह यह प्लेटफॉर्म मतदाता, चुनाव अधिकारी और राजनीतिक दलों के लिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सेवाओं को एक डिजिटल सिस्टम में जोड़ने का काम करता है. निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब मतदाताओं को छोटी-छोटी चुनावी जरूरतों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की बजाय ऑनलाइन माध्यम से कई काम पूरे करने की सुविधा मिलेगी.









