खबर डिजिटल न्यूज़ कटनी-- मध्यप्रदेश विद्युत विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोपों ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार नए सब-स्टेशनों में ऑपरेटरों की पदस्थापना में कथित तौर पर “सेटिंग और लेन-देन” का खेल चल रहा है।आरोप है कि लंबे समय से काम कर रहे और निर्धारित योग्यता रखने वाले कर्मचारियों की अनदेखी कर कुछ नए लोगों को कथित सिफारिश और सेटिंग के आधार पर अवसर दिया जा रहा है। सूत्रों का यह भी दावा है कि कुछ नियुक्तियों में विभागीय कर्मचारियों के सगे-संबंधियों को लाभ पहुंचाए जाने की चर्चाएं हैं।कौन तय कर रहा नियुक्ति का खेल?सूत्रों के मुताबिक, नियुक्ति प्रक्रिया में विभाग में पदस्थ एक कर्मचारी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कथित तौर पर रकम देने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।यदि नियुक्तियां नियमों के तहत हो रही हैं तो सवाल यह है कि चयन प्रक्रिया, योग्यता सूची और पदस्थापना का आधार सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?जांच हुई तो खुल सकता है पूरा खेलअब मांग उठ रही है कि नए सब-स्टेशनों में की गई आउटसोर्स नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। चयनित अभ्यर्थियों की योग्यता, नियुक्ति प्रक्रिया, एजेंसी के रिकॉर्ड और पदस्थापना संबंधी दस्तावेजों की जांच से स्थिति साफ हो सकती है।क्या वास्तव में योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर सेटिंग के आधार पर नियुक्तियां हुईं? क्या किसी से रकम मांगी गई? या फिर ये आरोप महज अफवाह हैं?इन सवालों का जवाब अब विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को देना होगा। विभाग की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308097









