भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश में लाखों पेंशनर्स को हर महीने बेहद कम राशि मिल रही है। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा और न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग पर सवाल उठ रहे हैं।आंकड़ों के मुताबिक, देश में कर्मचारी पेंशन योजना के कुल पेंशनर्स की संख्या करीब 81 लाख 47 हजार 820 है। इनमें से 36 लाख 82 हजार 31 पेंशनर्स को हर महीने 1,000 रुपये से भी कम पेंशन मिलती है। यह कुल पेंशनर्स का लगभग 45.19 प्रतिशत है। यानी लगभग हर दो पेंशनर्स में से एक को इस श्रेणी में रखा जा सकता है।
करीब 49 लाख पेंशनर्स को 1,500 या उससे कम राशि
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 12 लाख 33 हजार 285 पेंशनर्स ऐसे हैं, जिन्हें हर महीने 1,001 से 1,500 रुपये के बीच पेंशन मिलती है। यदि 1,000 रुपये से कम और 1,001 से 1,500 तक पेंशन पाने वाले दोनों वर्गों को एक साथ देखा जाए, तो इनकी कुल संख्या लगभग 49 लाख हो जाती है। बढ़ती महंगाई के बीच इतनी कम मासिक राशि में भोजन, दवाइयों, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना कई बुजुर्गों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से कर्मचारी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
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लाड़ली बहना योजना की राशि से तुलना क्यों हो रही है?
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को फिलहाल 1,500 प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। इस राशि को भविष्य में बढ़ाकर 3,000 करने की योजना को लेकर भी चर्चा होती रही है। EPS की कम पेंशन और लाड़ली बहना योजना की आर्थिक सहायता की तुलना इसलिए की जा रही है, क्योंकि दोनों मामलों में मासिक मिलने वाली राशि चर्चा का विषय है। हालांकि, दोनों योजनाओं का उद्देश्य, पात्रता और लाभार्थियों का वर्ग अलग-अलग है। लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए संचालित है, जबकि EPS सेवानिवृत्ति से जुड़ी पेंशन व्यवस्था है। इसलिए दोनों की तुलना केवल मासिक राशि के आधार पर करना उचित नहीं होगा।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग फिर चर्चा में
कर्मचारी पेंशन योजना के तहत कम राशि पाने वाले पेंशनर्स के लिए न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाना लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मांग रही है। पेंशनर्स का पक्ष है कि सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय का पर्याप्त साधन होना जरूरी है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें। अब सवाल यह है कि क्या भविष्य में EPS के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, उपलब्ध आंकड़े इस मुद्दे पर बहस को फिर से सामने लाते हैं। किसी भी नई बढ़ोतरी या सरकारी निर्णय के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।









