गोवा के एक रिसॉर्ट से लिए गए एवरेस्ट जीरा पाउडर के सैंपल में एजोक्सीस्ट्रोबिन और थायामेथोक्साम जैसे खतरनाक पेस्टिसाइड तय सीमा से काफी ज्यादा मिले. इस जांच के बाद एफएसएसएआई ने इसे इंसानी सेहत के लिए असुरक्षित माना. कंपनी को नियम के मुताबिक इस रिपोर्ट को चुनौती देने का मौका भी दिया गया था, लेकिन रेफरल लैब में हुई दोबारा जांच ने भी इसी बात पर मुहर लगा दी. नतीजे साफ होने के बाद एफएसएसएआई ने बाजार से जीरा पाउडर के उस पूरे बैच को तुरंत हटाने का कड़ा फरमान जारी कर दिया है.
कंपनी को मिले सख्त निर्देश
एफएसएसएआई ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स को हिदायत दी है कि वह बाजार से वापस जुटाए गए सारे पैकेट्स का पूरा हिसाब-किताब रखे और इसकी पूरी जानकारी सीधे अथॉरिटी को दे. इसके साथ ही कंपनी से कहा गया है कि वह अपनी सप्लाई चेन और क्वालिटी चेक में जरूरी सुधार करे ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न दोहराई जाए. रिकॉल की पूरी प्रोसेस खत्म होते ही उन्हें एक फाइनल रिपोर्ट भी जमा करनी होगी.
सफाई में नाकामी पर लाइसेंस निलंबित
मिलावट के इस मामले के अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग ने क्रिएटिव बेकर्स एंड कन्फेक्शनर्स पर भी बड़ी कार्रवाई की है. बेकरी में हाइजीन और साफ-सफाई के मानकों की बुरी तरह धज्जियां उड़ती पाई गईं. गंदगी और लापरवाही का आलम देखकर एफएसएसएआई ने बिना कोई ढील दिए कंपनी का फूड लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
सख्त मैसेज और आगे का प्लान
एफएसएसएआई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक अपडेट शेयर करते हुए साफ किया कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा. पूरे देश में फूड सेफ्टी के नियमों को कड़ाई से लागू करने का अभियान तेजी से चल रहा है. अथॉरिटी का मकसद साफ है कि दुकानों और किचन तक सिर्फ वही चीजें पहुंचे जो पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित हों.









