हरदा/नौशाद खान/खबर डिजिटल/ गरीबों के लिए संजीवनी मानी जाने वाली आयुष्मान भारत योजना हरदा जिले में फिलहाल ठप पड़ गई है। सरकारी अस्पतालों में जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने वाली यह योजना अब वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। मरीज निःशुल्क उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे तो उन्हें कई जांच और उपचार के लिए शासकीय दरों पर भुगतान करना पड़ रहा है।
22 दिसंबर को खत्म हुआ टेंडर
जानकारी के अनुसार योजना का संचालन करने वाली कंपनी का टेंडर 22 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गया था। नई कंपनी मिलने तक इसे एक्सटेंड किया गया, लेकिन अब नई कंपनी कौन जिम्मेदारी संभालेगी, यह स्पष्ट नहीं है। इस बीच जिला अस्पताल सहित जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना पूरी तरह ठप हो चुकी है। नतीजतन, एक्स-रे, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन सहित अन्य जांचों और उपचार के लिए मरीजों को अब पैसे चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि ये सभी सेवाएं पहले योजना के तहत निःशुल्क मिलती थीं।
मरीज भटक रहे हैं, सेंटर बंद
टेंडर खत्म होने के बाद संबंधित कंपनी ने अपने सभी आयुष्मान मित्रों को अस्पताल से हटा दिया, जिससे मरीजों को योजना से जुड़ी जानकारी नहीं मिल रही है और वे भटक रहे हैं। जिला अस्पताल के आयुष्मान सेंटर और टिमरनी, खिड़कियां, सिराली और हंडिया के सेंटरों पर ताला लग गया है। लगभग 8 कर्मचारी भी घर बैठे हैं।
स्थानीय लोगों ने सुनाई पीड़ा
स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि इस महत्त्वपूर्ण योजना का संचालन शीघ्र शुरू किया जाए, ताकि गरीब और निर्धन मरीज समय पर अपना इलाज करवा सकें।









