भोपाल/खबर डिजिटल। करीब चार दशक पहले घर बनाने और प्लॉट देने के सपने दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये जुटाने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने हिलटॉप गृह निर्माण सहकारी संस्था (मर्यादित), भोपाल के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। मामले में तत्कालीन अध्यक्ष सत्येन्द्र अग्रवाल, वर्तमान अध्यक्ष अनीता सिंह सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
EOW की जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि संस्था के पदाधिकारियों ने सदस्यों से भूखंड की पूरी राशि और विकास शुल्क लेने के बावजूद कई लोगों को वर्षों तक उनके प्लॉट पर कब्जा नहीं दिया। जांच में यह भी पाया गया कि सदस्यों को मूल विक्रय पत्र देने के बजाय केवल उसकी फोटोकॉपी दी गई और मूल दस्तावेज संस्था के पास रखे गए।
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जानकारी के अनुसार हिलटॉप गृह निर्माण सहकारी संस्था का गठन वर्ष 1986 में किया गया था। संस्था ने शुरुआती दौर में करीब 200 से 250 लोगों को सदस्य बनाकर लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। इस राशि से कोटरा सुल्तानाबाद, बरखेड़ी खुर्द, बावड़िया कलां और प्रेमपुरा क्षेत्रों में जमीन खरीदी गई थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संस्था ने लगभग 25 एकड़ भूमि खरीदी थी तथा अतिरिक्त भूमि के लिए अग्रिम भुगतान भी किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सदस्यों को उनके भूखंड नहीं सौंपे गए। कुछ मामलों में आवंटन सूची में कथित हेराफेरी और एक ही प्लॉट को अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई।
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सहकारिता विभाग की वर्ष 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट में भी सदस्यता सूची और भूखंड आवंटन सूची में विसंगतियां मिलने की बात सामने आई है। EOW का कहना है कि मामले में कई वरिष्ठ नागरिक और सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर EOW ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
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