ग्वालियर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की बहुचर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद पार्टी के अंदर ही मतभेद और नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। चुनाव नतीजों के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी ने बड़ा बयान देते हुए हार की वजह पार्टी के भीतर हुए कथित 'भितरघात' को बताया। उनका कहना है कि भाजपा जीत की मजबूत स्थिति में थी, लेकिन कुछ नेताओं की अंदरूनी गतिविधियों ने पूरा चुनावी समीकरण बिगाड़ दिया।
पर्दे के पीछे कौन था?
इमरती देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव में पूरी सक्रियता दिखाई। वरिष्ठ नेताओं ने लगातार जनसंपर्क, सभाओं और प्रचार अभियानों के जरिए पार्टी को जीत दिलाने का हरसंभव प्रयास किया तथा कार्यकर्ताओं का उत्साह भी बनाए रखा। इसके बावजूद संगठन के कुछ लोगों ने पर्दे के पीछे रहकर ऐसे कदम उठाए, जिससे भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा।
बीजेपी के रुख का इंतजार
इमरती देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमारी जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पार्टी के ही कुछ लोगों ने भितरघात कर पूरा माहौल बदल दिया। भाजपा को ऐसे तत्वों की पहचान कर भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है।'पूर्व मंत्री के इस बयान के बाद भाजपा के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में अब इस बात को लेकर अटकलें तेज हैं कि आखिर इमरती देवी का इशारा किन नेताओं या कार्यकर्ताओं की ओर था, और क्या पार्टी इस मामले में कोई कार्रवाई करेगी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे के सियासी मायने… इनकी राजनीति पर सीधा असर!









