इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के इंदौर में एरोड्रम थाने में शुक्रवार देर रात बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। शिकायत दर्ज कराने पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे और पंकज चौबे के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के आरोपों के बाद बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक थाने पहुंच गए। विधायक गोलू शुक्ला के 400 से अधिक समर्थकों के पहुंचने से थाने के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात पुलिस प्रशासन ने एरोड्रम थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और थाने में शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पड़ोसी से विवाद के बाद थाने पहुंचे थे बीजेपी कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे का अपने पड़ोसी से विवाद हो गया था। जयदीप का आरोप है कि विवाद के दौरान पड़ोसी ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उन्होंने घटना की जानकारी और इससे संबंधित वीडियो विधायक गोलू शुक्ला को भेजा। बताया जा रहा है कि विधायक के कहने पर जयदीप शिकायत दर्ज कराने एरोड्रम थाने पहुंचे। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की और रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल की। शाम से शुरू हुआ यह मामला देर रात तक चलता रहा।
रात 11 बजे थाने में बढ़ा विवाद
रात करीब 11 बजे बीजेपी कार्यकर्ता पंकज चौबे भी थाने पहुंचे। इसके बाद पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने जयदीप दुबे और पंकज चौबे के साथ गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए उन्हें घसीटकर अंदर ले गए। इस घटना की जानकारी अन्य बीजेपी कार्यकर्ताओं तक पहुंची तो उन्होंने विधायक गोलू शुक्ला को सूचना दी। इसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक एरोड्रम थाने पहुंचने लगे। कुछ ही देर में थाने के बाहर भीड़ जुट गई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग
थाने पहुंचे बीजेपी समर्थकों ने आरोप लगाया कि जयदीप दुबे और पंकज चौबे के साथ हुई कथित मारपीट थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने फुटेज की जांच कराकर घटना की सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। समर्थकों का कहना था कि जब तक संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे थाने से नहीं हटेंगे। इस वजह से देर रात तक थाने के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
एडिशनल डीसीपी के पहुंचने के बाद हुई कार्रवाई
हंगामे की सूचना मिलने पर एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा पुलिस बल के साथ एरोड्रम थाने पहुंचे। उन्होंने नाराज कार्यकर्ताओं से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, समर्थक पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग पर अड़े रहे।आखिरकार देर रात पुलिस प्रशासन ने थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद मामले ने पुलिस महकमे में भी हलचल पैदा कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और घटना की जांच पर नजर
एरोड्रम थाने में हुए इस घटनाक्रम के बाद अब शिकायत दर्ज करने में कथित देरी, कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार और सीसीटीवी फुटेज की जांच जैसे मुद्दे अहम हो गए हैं। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी, ताकि विवाद की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें।









