आज की तेज रफ्तार जिंदगी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है. सुबह से देर रात तक काम का दबाव, घंटों मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिताना, तनाव, जंक फूड और पर्याप्त नींद न लेना अब युवाओं को तेजी से हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन की ओर धकेल रहा है. डॉक्टर इसे “साइलेंट किलर” मानते हैं, क्योंकि लंबे समय तक इसके लक्षण स्पष्ट दिखाई नहीं देते और अचानक गंभीर परेशानी सामने आ सकती है.
हाई ब्लड प्रेशर से कई लोग परेशान
इंदौर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए स्क्रीनिंग अभियान के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं. जांच में हर आठवां व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित मिला है. मार्च तक जिले में करीब 12 लाख 86 हजार लोगों की जांच की गई, जिनमें 98 हजार से ज्यादा लोगों में हाइपरटेंशन की पुष्टि हुई. वहीं 62 हजार से अधिक लोग डायबिटीज के मरीज पाए गए. एमवाय अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में आने वाले रोजाना मरीजों में लगभग 15 प्रतिशत लोग उच्च रक्तचाप से प्रभावित मिल रहे हैं.
कैसे होता है हाई ब्लड प्रेशर
विशेषज्ञों का कहना है कि इंदौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में काम का तनाव, देर रात तक जागना, फास्ट फूड और शारीरिक गतिविधि की कमी बड़ी वजह बन रही है. अब 30 से 40 साल के लोगों में भी हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ रहा है.
हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों ने सुनाई आपबीती
विजय नगर निवासी 34 वर्षीय आनंद शुक्ला इसका उदाहरण हैं. निजी कंपनी में काम करने वाले आनंद रोजाना 10 से 12 घंटे लैपटॉप पर काम करते थे. तनाव, बाहर का खाना और कम नींद के कारण उन्हें चक्कर और सिरदर्द की शिकायत होने लगी. जांच में उनका ब्लड प्रेशर 170/110 निकला. अब वे नियमित इलाज के साथ योग और वर्कआउट कर रहे हैं. इसी तरह 42 वर्षीय कारोबारी भरत गर्ग लंबे समय से धूम्रपान और अनियमित दिनचर्या के कारण परेशान थे. नियमित जांच न कराने की वजह से अचानक सीने में दर्द हुआ और अस्पताल पहुंचने पर हाई ब्लड प्रेशर के साथ हृदय संबंधी समस्या सामने आई.
हाई ब्लड प्रेशर को लेकर क्या बोले डॉक्टर
डॉक्टरों के अनुसार लगातार तनाव, अधिक नमक और जंक फूड, धूम्रपान, शराब और शारीरिक श्रम की कमी हाई ब्लड प्रेशर की प्रमुख वजह हैं. इसके लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर, सांस फूलना, सीने में दर्द, धुंधला दिखना और अधिक थकान शामिल हैं. एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभाग के Dr. Ashok Thakur का कहना है कि समय पर जांच, संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और तनाव नियंत्रण से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें- हर महीने 5000 तक पेंशन! जानिए Atal Pension Yojana की पूरी डिटेल, कौन और कैसे कर सकते हैं अपलाई
यह भी पढ़ें- MP में किसानों की बल्ले-बल्ले! भू-अर्जन संशोधन से यूं मिलेगा बंपर फायदा
यह भी पढ़ें- इस देश में टॉयलेट सीट की होती है पूजा, जानें हैरान कर देने वाली कहानी
यह भी पढें- New COVID Variant BA.3.2 Cicada: फिर कोरोना की एंट्री, जानें लक्षण और बचाव के तरीके









