इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ धर्मस्व विभाग के अधीन आने वाले मंदिरों के बेहतर प्रबंधन और विकास को लेकर इंदौर संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अगले 15 दिनों के भीतर मंदिर प्रबंधन समितियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक मंदिर में प्रबंधक की नियुक्ति और मंदिरों के भंडार का 10 दिन के भीतर भौतिक सत्यापन पूरा करने को कहा गया है।
मंदिरों के विकास कार्यों की समीक्षा
संभागायुक्त कार्यालय में सोमवार को धर्मस्व विभाग के मंदिरों के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंदौर जिले के 7 और धार जिले के 17 मंदिरों से संबंधित व्यवस्थाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी ली गई।संभागायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मंदिरों में होने वाले जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के दौरान उनके मूल स्वरूप, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक पहचान से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरे करने पर भी जोर दिया गया।
दान में मिलने वाली वस्तुओं का होगा रिकॉर्ड
बैठक में मंदिरों को प्राप्त होने वाली दान राशि और कीमती वस्तुओं के व्यवस्थित रिकॉर्ड को लेकर भी निर्देश दिए गए। दान में प्राप्त प्रत्येक वस्तु की सूची तैयार करने के साथ उसका संभावित मूल्य दर्ज करने को कहा गया।इसके अलावा मंदिरों में दान सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने, रोजाना होने वाली आय-व्यय का रिकॉर्ड रखने और मंदिर की भूमि से जुड़े मामलों के बेहतर प्रबंधन के निर्देश दिए गए। दर्शनार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
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गोपाल मंदिर में सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
इंदौर के गोपाल मंदिर में नवनिर्मित गीता भवन के संचालन को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। यहां दर्शनार्थियों के बैठने की व्यवस्था के साथ अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया।गोपाल मंदिर कॉम्प्लेक्स में आवंटित दुकानों की रजिस्ट्री का काम जल्द पूरा करने और बाकी दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
नर्मदा के बीच बिलवामृतेश्वर मंदिर का होगा विकास
धार जिले के धरमपुरी में नर्मदा नदी के बीच स्थित बिलवामृतेश्वर मंदिर के विकास कार्यों की भी बैठक में समीक्षा की गई। अधिकारियों को वर्ष 2025 से चल रहे निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिर परिसर में करीब 5.50 करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्रीवॉल, संत निवास, शौचालय सहित अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। संभागायुक्त ने इन कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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