इंदौर/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ इंदौर जिले में इस वर्ष कम बारिश के चलते भविष्य में जलसंकट की आशंका को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका के माध्यम से जिले में भूजल दोहन पर नियंत्रण के लिए बोरिंग पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की गई है। अधिवक्ता रितेश ईनानी की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार बोरिंग किए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता का दावा है कि कम वर्षा की स्थिति में भूजल का अत्यधिक दोहन होने से जलस्तर और नीचे जा सकता है। ऐसे में भूजल संरक्षण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
पानी बचाने के उपाय लागू करने की मांग
याचिका में केवल बोरिंग पर रोक लगाने की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि पानी के संरक्षण और भविष्य में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए अन्य प्रभावी उपाय लागू करने की आवश्यकता भी बताई गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जल संरक्षण की तैयारियां समय रहते शुरू करना जरूरी है, ताकि आने वाले महीनों में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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जल्द सुनवाई की तैयारी
अधिवक्ता रितेश ईनानी ने बताया कि मामले में हाई कोर्ट से मेंशन लेकर जल्द सुनवाई की मांग की जाएगी। अब अदालत इस याचिका पर सुनवाई के दौरान क्या निर्देश देती है, इस पर नजर रहेगी। याचिका में उठाए गए मुद्दे का संबंध इंदौर जिले में भूजल स्तर और जल संरक्षण से है। हालांकि, बोरिंग पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश फिलहाल अदालत की ओर से जारी नहीं हुआ है।
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