भोपाल/ खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में इस साल 2026 में मानसून की असमान स्थिति के चलते प्रदेश के कई जिलों में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। इंदौर और उज्जैन समेत कई संभागों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर खरीफ फसलों, जमीन की नमी और आगामी रबी सीजन की बुवाई पर पड़ रहा है।
इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Jitu Patwari ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने कम वर्षा वाले सभी क्षेत्रों में तहसीलवार वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने और किसानों के लिए तत्काल राहत पैकेज घोषित करने की जोरदार मांग की है।
सूखे जैसे हालात और प्रशासन से बड़ी मांगें
MP Congress जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार को सिर्फ कागजी आंकड़ों के पीछे छिपने के बजाय जमीन पर किसानों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि सरकार फसल, मिट्टी की नमी, जलस्त्रोतों और भूजल स्तर की स्थिति की जांच कर प्रभावित क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करे।
Crop Damage Survey अंतिम सर्वे और औपचारिक घोषणा का इंतजार किए बिना किसानों को तुरंत राहत देने के लिए उन्होंने 6 प्रमुख उपाय सुझाए हैं:
फसल मुआवजा: तहसीलवार सर्वे कराकर नुकसान के अनुपात में किसानों को प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाए।
फसल बीमा: प्रभावित किसानों के फसल बीमा दावों का तुरंत निपटारा कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
ऋण वसूली स्थगित: किसानों के अल्पकालीन कृषि ऋणों की वसूली पर रोक लगाई जाए और ब्याज में राहत दी जाए।
कृषि आदानों पर सहायता: आगामी रबी सीजन के लिए किसानों को बीज, खाद और अन्य जरूरी कृषि इनपुट्स पर विशेष सहायता मिले।
पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था: प्रभावित गांवों में पानी की किल्लत दूर करने के लिए वैकल्पिक पेयजल इंतजाम किए जाएं।
अंतरिम राहत: अंतिम सर्वे पूरा होने तक प्रभावित किसानों को अंतरिम राहत राशि दी जाए।
पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ बारिश के आंकड़ों का नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों किसानों की आजीविका और उनके भविष्य से जुड़ा है। सरकार को समय रहते जमीन पर उतरकर किसानों को राहत देनी चाहिए।










