कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर वारदातों ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, शिकायतों के बावजूद चोरी के प्रयास जारी रहने का विद्यालय प्रबंधन का दावा
खबर डिजिटल कटनी-- शहर के बीचों-बीच, कोतवाली थाने के ठीक सामने चोरी की लगातार घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांधी द्वार के पास स्थित एस.एस. जैन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के जैन बोर्डिंग हाउस में कथित तौर पर तीन दिनों तक चोरी और तोड़फोड़ की घटनाएं होती रहीं। चोर भवन की ऊपरी मंजिल की लोहे की जालीदार खिड़कियां और पानी के नल तक उखाड़कर ले गए। हैरानी की बात यह है कि विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, 12 और 13 अक्टूबर को शिकायत देने के बाद भी 15 अक्टूबर की सुबह चोरी के प्रयास की एक और घटना सामने आई।जब थाने के सामने ही सुरक्षित नहीं भवन, तो आम नागरिक किससे लगाए उम्मीद?विद्यालय प्रबंधन की ओर से पुलिस को दिए गए लिखित आवेदनों के अनुसार, 11 अक्टूबर को जैन बोर्डिंग हाउस की ऊपरी मंजिल की लोहे की जालीदार खिड़कियां और पानी के नल तोड़कर चोरी किए गए। इसके बाद 12 अक्टूबर को शिकायत दी गई। प्रबंधन का आरोप है कि 13 अक्टूबर को फिर ताला तोड़ने की घटना सामने आई। लगातार घटनाओं से परेशान विद्यालय प्रबंधन ने 15 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 15 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे अज्ञात लोगों ने दोबारा तोड़फोड़ कर चोरी का प्रयास किया। विद्यालय प्रतिनिधियों के पहुंचने पर दो संदिग्ध लोगों के भागने की बात भी आवेदन में कही गई है। हालांकि, इन व्यक्तियों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, तो इंतजार करने को कहा गया?मामले में शिकायतकर्ता की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि जब वे सुबह करीब 9:30 बजे शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे, तो उन्हें सुबह 10 बजे के बाद आने के लिए कहा गया। यदि यह आरोप सही है, तो पुलिस की शिकायत सुनने की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर चोरी की लगातार घटनाओं से परेशान फरियादी को समय पर सुनवाई और उचित कार्रवाई का भरोसा क्यों नहीं मिलना चाहिए?बिजली बिल कलेक्शन काउंटर भी निशाने परइसी बीच, कोतवाली के नए गेट के सामने स्थित एमपीईबी के बिजली बिल जमा करने वाले कैश काउंटर पर भी चोरी की घटना सामने आने की जानकारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चोर देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच काउंटर को निशाना बनाकर नकदी ले गए। चोरी की राशि को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। प्रारंभिक जानकारी में करीब 2 से 2.5 लाख रुपये, जबकि अन्य विवरण में 3 से 4 लाख रुपये तक की राशि का उल्लेख है। ऐसे में वास्तविक रकम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।लगातार वारदातें, गश्त पर सवाल और जवाबदेही की मांगएक तरफ विद्यालय प्रबंधन लगातार चोरी की शिकायतें देने की बात कह रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली बिल काउंटर में चोरी की घटना ने शहर के व्यस्त इलाके की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कोतवाली के सामने और आसपास के क्षेत्र में यदि चोर बार-बार वारदात करने का दुस्साहस कर रहे हैं, तो रात्रिकालीन गश्त, संदिग्धों की निगरानी और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो जाती है।अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इन घटनाओं में शामिल आरोपियों की पहचान कर पाएगी? क्या आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी? और क्या विद्यालय प्रबंधन की ओर से दी गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जाएगी?फिलहाल, इन सवालों के जवाब पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर हैं। शहरवासियों को अपेक्षा है कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों का सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए।









