खबर digital news रिपोर्टर /कटनी/बरही विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच कटनी जिले की ग्राम पंचायत उबरा आज भी अंधेरे में डूबी हुई है। कई दिनों से लगातार बिजली संकट झेल रहे ग्रामीण अब खुले तौर पर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं और न ही स्थायी समाधान किया जा रहा है। नतीजा यह है कि पूरा गांव अंधेरे, परेशानी और अव्यवस्था के बीच जीवन बिताने को मजबूर है।ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा चुकी है। विभागीय कार्यालय में शिकायतें दर्ज कराई गईं, अधिकारियों को फोन किए गए, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। आरोप है कि कुछ लोग कथित रूप से परमिट के नाम पर ट्रांसफार्मर में फॉल्ट करवा देते हैं, जिससे पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है। यदि यह आरोप सही है तो सवाल उठता है कि आखिर विभाग की निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है?लगातार हो रही बारिश के बीच बिजली नहीं होने से हालात और भी गंभीर हो गए हैं। छोटे-छोटे बच्चों वाले परिवार अंधेरे में रात बिताने को मजबूर हैं। पंखे बंद हैं, घरों में रोशनी नहीं है और लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।किसानों का कहना है कि समय पर बिजली नहीं मिलने से सिंचाई प्रभावित हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।सबसे हैरानी की बात यह है कि उबरा गांव बरही से महज 3–4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी ग्रामीणों को अपने मोबाइल फोन चार्ज कराने के लिए बरही जाना पड़ रहा है, जहां वे पैसे देकर मोबाइल चार्ज कराते हैं। डिजिटल इंडिया के दौर में यह तस्वीर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब मूलभूत सुविधा बिजली की बात आती है तो जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि नजर नहीं आते। अब गांव में लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और चेतावनी दी जा रही है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।ग्रामीणों की प्रमुख मांगेंगांव में तत्काल नियमित बिजली आपूर्ति बहाल की जाए।ट्रांसफार्मर और लाइन की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान किया जाए।शिकायतों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।यदि किसी की लापरवाही या अवैध हस्तक्षेप से बिजली बाधित हो रही है, तो निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।
कटनी से खबर डिजिटल संवाददाता सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट









