खबर digital news कटनी-- जिले में भूमाफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण ग्राम बोहता में सामने आया है। नेशनल हाईवे-30 बायपास से लगी करीब चार एकड़ कृषि भूमि को कथित तौर पर अवैध प्लाटिंग में तब्दील कर दिया गया और जिम्मेदार विभाग लंबे समय तक तमाशबीन बना रहा। लगातार शिकायतों और मीडिया की खबरों के बाद आखिरकार प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा।कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार अवन्तिका तिवारी ने राजस्व अमले के साथ स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर जांच की गई और अब नए सिरे से सीमांकन कराने की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि जब अवैध प्लाटिंग का खेल खुलेआम चल रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारियों की नजर आखिर कहां थी?मामला सिर्फ अवैध प्लाटिंग तक सीमित नहीं है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि भूमाफियाओं ने सरकारी नाले में पाइप डालकर रास्ता तैयार कर लिया है। यदि जांच में यह आरोप सही साबित होता है तो यह सीधे-सीधे शासकीय भूमि और संसाधनों पर कब्जे का गंभीर मामला बन जाएगा।हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के लगभग 15 दिन बाद भी कार्रवाई केवल पटवारी प्रतिवेदन तक सिमटी हुई दिखाई दे रही है। जनता पूछ रही है कि आखिर रिपोर्टों के ढेर से आगे बढ़कर बुलडोजर और कानूनी कार्रवाई कब दिखाई देगी?क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि कुछ भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई हमेशा धीमी पड़ जाती है। इससे पहले भी इसी नेटवर्क पर शासकीय नाले पर कब्जे के आरोप लग चुके हैं, जहां शिकायतों के बाद प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था।अब पूरे जिले की नजर प्रशासन पर टिकी है। क्या बोहता में अवैध प्लाटिंग करने वालों पर सख्त राजस्व और दंडात्मक कार्रवाई होगी, या फिर प्रभावशाली संरक्षण के आगे कार्रवाई की फाइलें धूल फांकती रह जाएंगी? जनता जवाब चाहती है और प्रशासन की अगली कार्रवाई इस सवाल का फैसला करेगी।
बोहता में भूमाफियाओं पर प्रशासन की दस्तक, मचा हड़कंप मौके का मुआयना करने पहुंचे राजस्व अधिकारी
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