भोपाल/खबर डिजिटल/ पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) के भोपाल चैप्टर, मध्य प्रदेश द्वारा 12 सितंबर 2026 को दिवंगत आईपीएस अधिकारी विजय रमन (Vijay Raman) के संस्मरण पर आधारित चर्चित पुस्तक 'खाकी वरदी का योद्धा' (Khaki Vardi ka Yoddha) का विमोचन किया जाएगा।
पुस्तक 'खाकी वर्दी का योद्धा' का विमोचन कार्यक्रम 12 सितंबर 2026 को शाम 3:30 बजे दुष्यंत कुमार संग्रहालय, भोपाल में आयोजित होगा। यह पुस्तक प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक के लेखक स्वर्गीय विजय रमन, आईपीएस हैं।
पुस्तक में एक आईपीएस अधिकारी के जीवन, कर्तव्य, चुनौतियों और उन चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित करने के अनुभवों को केंद्र में रखा गया है। पुस्तक के माध्यम से पुलिस सेवा से जुड़े संघर्षों और जिम्मेदारियों के साथ-साथ एक अधिकारी के कार्यकाल के विभिन्न पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है।

पुस्तक विमोचन समारोह में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, आईपीएस मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा स्वर्गीय विजय रमन, आईपीएस की पत्नी श्रीमती वीना रमन तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
PRSI के भोपाल चैप्टर द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पुस्तक 'खाकी वर्दी का योद्धा' (Khaki Vardi ka Yoddha) के विषय और पुलिस सेवा से जुड़े अनुभवों पर चर्चा भी होगी। आयोजन में पत्रकारिता, जनसंपर्क, प्रशासन और पुलिस सेवा से जुड़े लोग उपस्तिथ होंगे।
"खाकी वरदी का योद्धा" पुस्तक का सारांश...
जब उन्होंने श्री पटेल को यह कहते सुना, 'ये पदक अर्जित किए जाते हैं, खरीदे नहीं जाते,' तो विजय मन-ही-मन अपना पदक अर्जित करने के दृढ़ संकल्प से भर गए। समय के साथ विजय रमन ने न केवल वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक अर्जित किया, बल्कि पूरे भारत में अपनी प्रत्येक तैनाती में इतिहास भी रचा।
वह एक सरल और सीधे-सादे जांबाज पुलिस अधिकारी थे, जो असाधारण रूप से साहसी थे। 2023 में उनकी असामयिक मृत्यु से पहले कई ऐसी स्थितियाँ आईं, जिनमें वे मृत्यु के करीब थे, जिनका वर्णन इस पुस्तक में किया गया है- जिनसे वे चमत्कारिक रूप से बच गए।
यह एक वास्तविक जीवन के नायक का, पान सिंह तोमर और उसके डकैत गिरोह का 14 घंटे शाम से सुबह तक चली मुठभेड़ में सफाया होने का प्रत्यक्ष वृत्तांत है; डाकू मलखान सिंह और फूलन देवी का आत्मसमर्पण; कुख्यात आतंकवादी गाज़ी बाबा का अंत करने का ऑपरेशन का नेतृत्व किया; बदनाम व्यापम घोटाले की जाँच करना; भोपाल गैस त्रासदी के भयावह मंजर का सामना करना; विशेष सुरक्षा समूह के चुने हुए अधिकारियों में से एक के रूप में चार भारतीय प्रधानमंत्रियों के जीवन की रक्षा करना; और कार से विश्व की परिक्रमा करने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड तोड़ना।
विजय रमन के वृत्तांत रोमांच और उल्लेखनीय घटनाओं की एक किताब बनाते हैं- पाठकों को एक किंवदंती के निर्माण की बहुमूल्य जानकारी देते हैं। एक सत्यनिष्ठ, कर्तव्यपरायण, साहसी एवं दृढ़संकल्पित IPS अधिकारी की प्रेरक जीवनगाथा।









