भोपाल/ सुनील बंशीवाल/ खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना भारत की सियासी दुनिया के लिए गेम चेंजर बन चुकी है, इस तरह की योजना को देश में अब वोट बैंक साधने का जरिया भी माना जा रहा है। इसीलिए अब चुनावों में भी यह योजना अहम मुद्दा बनी हुई हैं। इस योजना को सत्ता पक्ष भुना रहा है, तो विपक्ष योजना में बंपर पैसों की बरसात करने का वादा कर रहा है।
मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना जैसी महत्वाकांक्षी डायरेक्ट कैश स्कीम भारत के अन्य राज्यों में ही नहीं बल्कि, दुनिया के कई विकसित, विकासशील और गरीब देशों में संचालित की जा रही हैं। तो यहां जानें लाडली बहनों को कौन सा देश हर महीने कितने पैसे देता है…
लाड़ली बहनों के लिए सबसे पहले मैक्सिको में शुरू की गई योजना थी। इस योजना के तहत परिवार की मुखिया महिला के खाते में हर महीने 600 से 1500 मैक्सिको पेसो और भारतीय मुद्रा में 2 हजार 500 से 6 हजार 500 रुपए कैश डायरेक्ट ट्रांसफर किए जा रहे है। वहीं ब्राजील में 21 साल पहले ये स्कीम शुरू की गई थी। इसी तरह केन्या में परिवार की मुखिया महिला लाडली बहनों को 2,150 रुपए हर महीने मिलते हैं। दक्षिण अफ्रीका में हर महीने 2 हजार 400 रुपए दिए जा रहे हैं। जाम्बिया में लाडली बहनों को 7 हजार 800 रुपए मिलते हैं। इसके लिए जाम्बिया को भी विश्व बैंक से फंडिंग मिलती है। वहीं लाड़ली बहना जैसी योजना में विकसित देश भी शामिल है, इसमें सबसे पहला नाम अमरीका का आता है।
अमरीका में कम आय वाली लाडली बहनों के लिए एक योजना संचालित की जाती है। टेम्परेरी असिस्टेंस फॉर नीडी फैमिलीज नामक इस योजना के तहत लाडली बहनों के खाते में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर किया जाता है। इसी कड़ी में स्वीडन, आस्ट्रेलिया, यूके, कनाडा में भी लाड़ली बहना योजना जैसी योजनाएं संचालित की जा रही है। तो अब विदेश से चलकर अपने देश पर आते हैं।
यहां पर एमपी की लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर कर्नाटक में गृहलक्ष्मी योजना संचालित की जाती है। यहां हर महीने लाडली बहनों के खातों में हर महीने 2 हजार रुपए डायरेक्ट कैश ट्रांसफर किया जाता है। बंगाल में लक्ष्मी भंडार योजना चलाई जा रही है। भारत में सबसे पहले बंगाल में लाडली बहनों के लिए डायरेक्ट कैश ट्रांसफर जैसी योजना शुरू की गई थी। यहां 2003 से लक्ष्मी भंडार योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 1 हजार रुपए कैश दिया जाता है।
तमिलनाडु में उरीमाई योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 1000 रुपए की राशि जमा की जाती है। ओडिशा की सुभद्रा योजना की तहत लाडली बहनों के खाते में हर महीने 833 रुपए की राशि जमा की जाती है। भारत के इस राज्य में सुभद्रा योजना के नाम से ये योजना संचालित की जाती है। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को हर महीने महिलाओं के खाते में 1 हजार आर्थिक सहायता राशि दे रही है।
महाराष्ट्र की लाड़की बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपए की राशि डायरेक्ट ट्रांसफर की जा रही है। असम में अरुणोदोई योजना के तहत राज्य सरकार हर महीने 1250 रुपए की राशि पात्र महिलाओं के खातों में डायरेक्ट ट्रांसफर करती है। तो इसी तरह एमपी की लाड़ली बहना योजना ने एक बड़ा आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन किया है। जिसने महिलाओं की जिंदगी बदलने का काम किया है।







