मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. लाड़ली बहना योजना की मई महीने की 36वीं किस्त का इंतजार अब तेजी से बढ़ रहा है. राज्य सरकार भी इस किस्त को जारी करने की तैयारी में जुटी हुई है. खास बात यह है कि इस बार महिलाओं को बढ़ी हुई राशि मिलने की संभावना है, जिसके तहत 1500 रुपये उनके खातों में भेजे जा सकते हैं.
कब आएगी लाडली बहन योजना की 36वीं किस्त
आम तौर पर हर महीने की 10 तारीख तक इस योजना की राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है. हालांकि पिछले महीने अप्रैल में यह भुगतान 12 तारीख को किया गया था. इस बार मई में 10 तारीख रविवार पड़ रही है, जिसके चलते किस्त जारी होने में थोड़ा बदलाव हो सकता है. अनुमान लगाया जा रहा है कि 11 मई से 15 मई के बीच यह राशि महिलाओं के खातों में पहुंच सकती है. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है.
कितनी महिलाओं को मिल रहा है लाभ
मध्यप्रदेश में इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाएं उठा रही हैं. आंकड़ों के अनुसार, करीब 1 करोड़ 29 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ी हुई हैं. इस योजना की शुरुआत 5 मार्च 2023 को की गई थी, जिसे उस समय के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लागू किया था. इसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
ऐसे चेक करें किस्त का स्टेट्स
अगर आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और अपनी किस्त का स्टेटस चेक करना चाहती हैं, तो यह प्रक्रिया काफी आसान है. सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. वहां होम पेज पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” का विकल्प दिखाई देगा, जिस पर क्लिक करना होगा. इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना आवेदन क्रमांक या समग्र आईडी दर्ज करनी होगी. फिर कैप्चा कोड भरकर ओटीपी भेजने के विकल्प पर क्लिक करें. ओटीपी दर्ज करते ही आपको अपनी किस्त से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर मिल जाएगी.
मध्यप्रदेश की स्थानीय महिलाओं को दिया जाता है लाभ
इस योजना का लाभ मध्यप्रदेश की स्थानीय महिलाओं को दिया जाता है. इसमें विवाहित महिलाओं के साथ-साथ विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं भी शामिल हैं. 21 से 60 वर्ष तक की आयु वाली महिलाएं इसके लिए पात्र मानी जाती हैं. इसके अलावा, लाभ पाने के लिए बैंक खाता होना जरूरी है, जो आधार से लिंक हो और डीबीटी सुविधा सक्रिय हो. साथ ही समग्र पोर्टल पर आधार का सत्यापन भी आवश्यक होता है









