डेस्क। देश में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों में बिजली गिरने की घटनाएं बड़ी चिंता का विषय बनी हुई हैं। हर साल देशभर में हजारों लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आने से अपनी जान गंवाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और पशुपालक इस खतरे से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
मौसम में बदलाव बढ़ा रहा खतरा
मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि बदलते मौसम और ज्यादा तापमान के कारण कई क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। गर्मी और प्री-मानसून के दौरान ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
'मेघदूत' और 'दामिनी' ऐप से मिल सकती है मदद
मौसम संबंधी जानकारी और चेतावनी के लिए लोग 'मेघदूत' और 'दामिनी' जैसे ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। मेघदूत ऐप के जरिए बारिश, तापमान, हवा की दिशा और नमी जैसी जानकारी मिल सकती है। वहीं दामिनी ऐप आसपास बिजली गिरने की संभावनाओं को लेकर अलर्ट देने का काम करता है।
आंधी-तूफान के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
आंधी और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंची जगहों और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। मौसम खराब होते ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचना बेहतर माना जाता है।
बिजली गिरने से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
- ऊंचे पेड़ और मोबाइल टावरों के नीचे खड़े न हों।
- खुले मैदान और जलाशयों से दूर रहें।
- तूफान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें।
- खेतों में काम कर रहे लोग मौसम बिगड़ते ही सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं।
- घर के अंदर खिड़कियों और बाहरी हिस्सों से दूर रहें।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थान पर खड़े रहने से बचें।
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