महाकाल की नगरी उज्जैन और राजस्थान के कोटा के बीच यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है. पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने दोनों शहरों के बीच पहली मेमू पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है. इस नई ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों को कम खर्च में सफर करने का मौका मिलेगा. खास बात यह है कि ट्रेन मार्ग में आने वाले लगभग सभी छोटे और बड़े स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा.
एक्सप्रेस ट्रेनों के मुकाबले आधा किराया
अब तक उज्जैन से कोटा जाने के लिए यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता था. इन ट्रेनों का किराया 100 रुपये से अधिक था और वे सीमित स्टेशनों पर ही रुकती थीं. नई मेमू ट्रेन का किराया केवल 55 रुपये रखा गया है. हालांकि यात्रा का समय थोड़ा अधिक रहेगा, लेकिन कम खर्च और ज्यादा स्टॉपेज की वजह से यह ट्रेन आम यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी.
जानिए ट्रेन का समय
कोटा से चलने वाली मेमू ट्रेन सुबह 5:40 बजे रवाना होकर दोपहर 12 बजे उज्जैन पहुंचेगी. वहीं उज्जैन से यह ट्रेन दोपहर 12:30 बजे प्रस्थान करेगी और शाम 7:05 बजे कोटा पहुंचेगी. रास्ते में नागदा, उन्हेल, पिपलोदा, पलसोदा, मकड़ावन और अन्य कई स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है.
छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस ट्रेन का सबसे बड़ा फायदा कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मिलेगा. JEE और NEET की कोचिंग के लिए हर साल बड़ी संख्या में छात्र कोटा जाते हैं. अब वे कम किराए में नियमित यात्रा कर सकेंगे. इसके अलावा रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारी, छोटे व्यापारी और अन्य यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी.
जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत
नई ट्रेन को नागदा स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इस अवसर पर सांसद, विधायक और रेलवे के कई अधिकारी मौजूद रहे. उज्जैन पहुंचने पर पहले दिन के यात्रियों का स्वागत भी किया गया. लंबे समय से इस रूट पर ऐसी ट्रेन की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है.
पहले दिन दिखा यात्रियों का उत्साह
ट्रेन के संचालन के पहले ही दिन यात्रियों की अच्छी संख्या देखने को मिली. लोगों ने इसे किफायती और सुविधाजनक कदम बताया. कई यात्रियों का कहना है कि इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी.
छात्रों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को होगा फायदा
कोटा में पढ़ाई करने वाले छात्रों ने कहा कि अब उन्हें कम खर्च में बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी. वहीं नौकरीपेशा लोगों ने इसे रोजाना सफर के लिए राहतभरा कदम बताया. महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी अब ट्रेन बदलने की परेशानी नहीं होगी. व्यापारियों का मानना है कि इस ट्रेन से छोटे कस्बों और बाजारों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा.









