इंदौर/खबर डिजिटल/नरेन्द्र महावर/ मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री (चीफ इंजीनियर) शिवराम सेमिल के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में स्थित उनके कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सेमिल ने अपने सेवाकाल के दौरान वैध आय की तुलना में करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है।
मामले में लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करीब 33 वर्षों की सेवा के दौरान शिवराम सेमिल को वेतन के रूप में लगभग दो करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि अब तक की जांच में 6.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का पता चला है। जीवन-यापन के खर्च को जोड़ने पर कुल व्यय 7.16 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया, जो उनकी वैध आय से लगभग 258 प्रतिशत अधिक है।
आलीशान मकान और कई फैक्ट्रियों का मिला पता
लोकायुक्त जांच में इंदौर की सिलिकॉन सिटी स्थित सी-44 पर लगभग 1.20 करोड़ रुपये कीमत का तीन मंजिला मकान मिला। वहीं पीथमपुर सेक्टर-3 में पुत्र शुभम के नाम पर संचालित 'शुभम इलेक्ट्रिकल' ट्रांसफार्मर निर्माण फैक्ट्री भी सामने आई, जिसकी अनुमानित कीमत 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है।
इसके अलावा पुत्रवधू और अन्य परिजनों के नाम पर 'कर्निश पावरजोन' फर्म पंजीकृत मिली, जिसकी शेयर पूंजी करीब 50 लाख रुपये है। फर्म के नाम पर पीथमपुर में दो औद्योगिक भूखंड खरीदे गए हैं। इनमें एक पर पुरानी फैक्ट्री संचालित है, जबकि दूसरे पर नई फैक्ट्री का निर्माण जारी है, जिस पर अब तक करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी मिली है।
धार और मुरैना में भी करोड़ों का निवेश
धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में दामाद और पुत्र के नाम से संचालित 'एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स' फर्म के तीन औद्योगिक प्लॉट मिले, जिनमें लगभग 1.50 करोड़ रुपये का निवेश सामने आया है। वहीं 'कृष्णा पावर' नाम से एक अन्य औद्योगिक भूखंड पर फैक्ट्री निर्माण कार्य भी जारी मिला, जिस पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
जांच के दौरान रिश्तेदार के नाम से संचालित 'ए-वन इलेक्ट्रिकल' फैक्ट्री भी सामने आई, जहां निवेश की विस्तृत जांच की जा रही है।
कार्यालय, प्लॉट और इलेक्ट्रिक कार भी मिली
इंदौर के सप्तश्रृंगी नगर (सिलिकॉन सिटी) में पत्नी और पुत्र के नाम पर एक कार्यालय भवन मिला, जिसकी गाइडलाइन कीमत करीब 60 लाख रुपये है। एयरपोर्ट रोड स्थित अंजनी नगर और देवास नाका क्षेत्र में भी संबंधित फर्मों के कार्यालयों की तलाशी ली गई।
इसके अलावा ओमेक्स सिटी में पुत्रों के नाम पर करीब 20 लाख रुपये का प्लॉट और शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम पर लगभग 15 लाख रुपये कीमत की महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार भी मिली। मुरैना के रविदास नगर में करीब 50 लाख रुपये मूल्य का दो मंजिला मकान भी जांच में सामने आया, जहां ग्वालियर लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त के अनुसार उपलब्ध दस्तावेजों और प्रारंभिक जांच के आधार पर शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल इंदौर के चार, पीथमपुर के दो, धार के दो और मुरैना के एक ठिकाने पर जांच और दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।







