घरेलू एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी व्यवस्था को अब पूरी तरह OTP आधारित कर दिया गया है. उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के सत्यापन के बाद ही सिलिंडर सौंपा जा रहा है. बिना OTP के डिलीवरी नहीं की जा रही है.
हालांकि, इस व्यवस्था के बावजूद कुछ स्थानों पर घरेलू गैस सिलिंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल की शिकायतें सामने आ रही हैं. रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलिंडर का उपयोग अभी भी दिखाई दे रहा है.
कमर्शियल गैस की खपत में आई कमी
ईंधन संकट के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को हुई थी. सप्लाई बाधित होने के कारण कई छोटे रेस्टोरेंट तक बंद करने पड़े थे. वहीं कुछ होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल शुरू कर दिया.
कमर्शियल सिलिंडर की कीमत भी बढ़कर 3 हजार रुपये से अधिक पहुंच गई थी. फिलहाल 19 किलो का कमर्शियल सिलिंडर करीब 2847 रुपये में मिल रहा है. कीमत और वैकल्पिक ईंधन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण सप्लाई सामान्य होने के बावजूद इसकी मांग पहले जैसी नहीं रही.
रोजाना 2500 से 3000 कमर्शियल सिलिंडर की खपत
वर्तमान में प्रतिदिन करीब 2500 से 3000 कमर्शियल गैस सिलिंडर की खपत हो रही है. संकट से पहले यही आंकड़ा लगभग 3500 से 4000 सिलिंडर प्रतिदिन था. यानी अब भी कमर्शियल गैस की मांग पहले के मुकाबले कम बनी हुई है.
PNG कनेक्शन बढ़ने से भी कम हुई खपत
ईंधन संकट के दौरान शहर में PNG की सप्लाई सामान्य रही. इसका फायदा उठाते हुए कई रेस्टोरेंट और होटल संचालकों ने PNG कनेक्शन ले लिए. इसके चलते व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में PNG का इस्तेमाल बढ़ा है और कमर्शियल LPG सिलिंडर पर निर्भरता कम हुई है.
हालांकि शादी और अन्य समारोहों का सीजन शुरू होने पर कमर्शियल सिलिंडर की मांग दोबारा बढ़ने की संभावना रहती है.
तीन दिन में डिलीवरी नहीं हुई तो बुकिंग रद्द
OTP आधारित व्यवस्था में बुकिंग के बाद तीन दिन के भीतर सिलिंडर की डिलीवरी करना जरूरी है. अगर तय अवधि में डिलीवरी नहीं होती है तो सिस्टम अपने आप बुकिंग रद्द कर देता है और उपभोक्ता के खाते में भी उस सिलिंडर की एंट्री नहीं होती.
इसके बाद उपभोक्ता दोबारा सिलिंडर बुक कर सकता है. OTP केवल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने के कारण सिलिंडर वास्तविक उपभोक्ता तक पहुंचने की संभावना भी बढ़ गई है. पहले उपभोक्ता के घर पर मौजूद नहीं होने की स्थिति में सिलिंडर किसी अन्य व्यक्ति को दिए जाने की शिकायतें सामने आती थीं.









